बीएचयू के सर सुंदरलाल अस्पताल की इमरजेंसी में आने वाले गंभीर मरीजों का अब पहले 24 घंटे तक मुफ्त इलाज किया जाएगा। यह व्यवस्था गुरुवार से लागू हो गई। इसके बाद मरीज को संबंधित वार्ड में शिफ्ट किया जाएगा।
केंद्र सरकार के सहयोग के बाद कुलपति प्रो. जीसी त्रिपाठी की पहल पर इसकी शुरुआत की गई। ट्रॉमा सेंटर में यह सुविधा शुरू होने में अभी पंद्रह दिन का समय लगेगा। बीएचयू अस्पताल की इमरजेंसी में प्रतिदिन औसतन 50 से अधिक गंभीर मरीज आते हैं।
प्राय: सड़क दुघर्टना आदि के घायलों को तत्काल बेहतर इलाज मिल सके, इसके लिए यह व्यवस्था शुरू की गई है। अस्पताल की इमरजेंसी में 100 बेड हैं। चिकित्सा अधीक्षक डॉ. ओपी उपाध्याय ने बताया कि केंद्र सरकार द्वारा अस्पताल को प्रति बेड दो लाख रुपये (प्रतिवर्ष) की राशि मिल रही है।
यह राशि पहले एक लाख रुपये थी। सहायक जनसंपर्क अधिकारी डॉ. राजेश सिंह ने बताया कि चिकित्सा विज्ञान संस्थान के निदेशक प्रो. वीके शुक्ला, चिकित्सा अधीक्षक डॉ. ओपी उपाध्याय, ट्रॉमा सेंटर के प्रोफेसर इंचार्ज प्रो. एसके गुप्ता द्वारा यह व्यवस्था बेहतर तरीके से चलाई जा रही है।