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BHU Hospital: बीएचयू अस्पताल में हेल्थ डायरी की डुप्लीकेसी, अब तक 50 से ज्यादा पकड़े गए; जानें- पूरा मामला

Mon, 17 Mar 2025 10:40 AM IST
प्रगति चंद अमर उजाला नेटवर्क, वाराणसी।

सार

Varanasi News: बीएचयू अस्पताल में निशुल्क इलाज के लिए हेल्थ डायरी की डुप्लीकेसी की जा रही है। छात्र-छात्राओं के साथ ही यहां कार्यरत शिक्षकों, कर्मचारियों को हेल्थ डायरी दी जाती है। लेकिन अब तक 50 से ज्यादा फर्जी मामले पकड़े जा चुके हैं।
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बीएचयू अस्पताल के ईएनटी डिपार्टमेंट की ओपीडी में पकड़ी गई डुप्लीकेट हेल्थ डायरी। - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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बीएचयू अस्पताल में छात्रों, कर्मचारियों को निशुल्क इलाज के लिए मिलने वाली हेल्थ डायरी की डुप्लीकेसी का मामला सामने आया है। ओपीडी में हर सप्ताह ऐसी डायरी मिल रही हैं। अब तक 50 से ज्यादा मामले पकड़े जा चुके हैं।

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बीएचयू में दाखिला लेने वाले छात्र-छात्राओं के साथ ही यहां कार्यरत शिक्षकों, कर्मचारियों को हेल्थ डायरी दी जाती है। इसके माध्यम से छात्र-छात्राओं को ओपीडी में डॉक्टर को दिखाने के साथ ही उनकी एमआरआई, अल्ट्रासाउंड, खून जांच आदि की फीस नहीं लगती है। 

इस पर एक बारकोड भी लगाया जाता है। इसमें जिस व्यक्ति के नाम से डायरी जारी होती है, उनका पूरा ब्योरा रहता है। पिछले कुछ दिनों से डुप्लीकेट हेल्थ डायरी लेकर इलाज करवाने वालों का गिरोह सक्रिय है। इस कार्य में लगे लोग हेल्थ डायरी हूबहू बनवा ले रहे हैं और तो और बारकोड भी एकदम बीएचयू की ओरिजनल हेल्थ डायरी जैसा लग रहा है। 
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जब ओपीडी में रजिस्ट्रेशन करवाने पहुंच रहे हैं तो उनकी जालसाजी पकड़ी जा रही है। इस तरह के एक दो नहीं बल्कि 50 से अधिक कार्ड पिछले साल प्रॉक्टोरियल बोर्ड की टीम ने पकड़े थे, लेकिन डुप्लीकेसी का खेल थमने का नाम नहीं ले रहा है। एक बार फिर ऐसा करने वालों का गिरोह सक्रिय हो गया है।

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ईएनटी डिपार्टमेंट की ओपीडी में पकड़ी गई जालसाजी

18 फरवरी को ईएनटी डिपार्टमेंट की ओपीडी में हेल्थ डायरी लेकर एक युवक पहुंचा। छात्र स्वास्थ्य सेवा संकुल यानी स्टूडेंट हेल्थ सेंटर के लिए जारी इस डायरी पर बीए ऑनर्स तृतीय के एक छात्र का नाम दर्ज था और फोटो भी लगा था। बारकोड और सीएमओ इंचार्ज के साइन भी थे। जो युवक ओपीडी में डायरी लेकर गया था, जब उससे उसका नाम पूछा गया तो उसने कार्ड पर दर्ज नाम बताया। डॉक्टर को शक हुआ तो उन्होंने उसकी बारकोड की जांच करवाई तो रिकार्ड में कुछ और ही नाम था। इस पर युवक का कार्ड लेकर उस पर पेन से क्रॉस बनाकर किनारे खिड़की पर रखवा दिया गया।
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