घोषणा में उत्तर प्रदेश में भाजपा की मुख्य विपक्षी दल सपा के पीडीए के काट के रूप में भी देखा जा रहा है। सपा पीडीए में पिछड़ों, दलित और अल्पसंख्यक की बात करती है। भाजपा ने नौ जिलाध्यक्ष व महानगर अध्यक्ष में चार पिछड़े हैं। दो क्षत्रिय और दो ब्राह्मण समाज से आते हैं। एक भूमिहार को प्रतिनिधित्व मिला है।
संगठन के चुनाव प्रभारी के क्षेत्र में भी जिलाध्यक्ष के नाम का एलान नहीं
भाजपा ने चार जिलों में जिलाध्यक्ष की घोषणा नहीं की है। इनमें प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का संसदीय क्षेत्र वाराणसी शामिल है। इसके अलावा संगठन के चुनाव प्रभारी पूर्व केंद्रीय मंत्री महेंद्रनाथ पांडेय के चुनाव क्षेत्र चंदौली में भी जिलाध्यक्ष घोषित नहीं किया गया। इसी तरह केंद्रीय मंत्री अनुप्रिया पटेल के चुनाव क्षेत्र मिर्जापुर से भी घोषणा नहीं हुई और जौनपुर से भी कोई नाम सामने नहीं आया। पार्टी सूत्रों के मुताबिक वाराणसी से पार्टी बड़ा सियासी संदेश दे सकती है।