बीएचयू के सर सुंदरलाल अस्पताल में 18 साल का युवक लंबे समय से सांस फूलने और हृदय गति तेजी से कम होने से पीड़ित था। कार्डियक संर्जन डॉ. सिद्धार्थ लाखोटिया ने टीम के साथ ही चार घंटे की ओपेन हार्ट सर्जरी की। अस्पताल में इस तरह का आपरेशन पहली बार हुआ है।
डॉ. लाखोटिया ने बताया कि युवक में बचपन से ही बीमारी थी लेकिन परिवार वालों ने नजरअंदाज किया। चार दिन पहले उसे अधिक सांस फूलने, छाती में दर्द व बुखार की हालत में अस्पताल लाया गया।
यहां जांच में पाया गया कि उसका साइनस वालसालवा एन्यूरिजम फट गया है। हृदय काम करना बंद कर रहा था। चार घंटे की सर्जरी के बाद हृदय के दोनों छिद्रों, मुख्य धमनी के छिद्र, वेंट्रिकल के बीच के छिद्र को डाकरान पैच की मदद से बंद किया गया।
युवक के अंगों को बचाने के लिए पूरे शरीर को 28 डिग्री सेल्सियस तापमान पर ठंडा किया गया। इसके अलावा हृदय को 60 मिनट तक बंद रखा गया। टीम में एनिस्थिसिया से प्रो. एसके माथुर के साथ ही कार्डियोथोरैसिक सर्जरी, कार्डियक एनिस्थिसिया, नर्सिंग, परफ्यूशनिष्ठ और पैरामेडिकल के लगभग 20 सदस्य शामिल थे।