मानव संसाधन विकास मंत्रालय की ओर से बीएचयू को इंस्ट्रीट्यूट ऑफ इमिनेंस का दर्जा मिला है। इमिनेंस का दर्जा पाने वाले दस सरकारी उच्च शिक्षण संस्थानों में भी बीएचयू का नौवां स्थान है।
इसके बाद अब विश्वविद्यालय प्रशासन ने रैंक सुधार की दिशा में काम शुरू कर दिया है। इसके लिए शिक्षा, शोध, प्लेसमेंट आदि को लेकर पांच साल का रोड मैप बनाया जा रहा है, जिससे कि पांच साल बाद होने वाले मूल्यांकन में रैंक बढ़ सके।
दर्जा मिलने के बाद कुलपति प्रो. राकेश भटनागर ने कहा कि इस तरह की उपलब्धियों से आगे बढ़ते रहने की प्रेरणा के साथ ही जिम्मेदारी भी बढ़ जाती है, कि उससे बेहतर स्थान हासिल किया जाए। उन्होंने बताया कि विश्व के टॉप 200 विश्वविद्यालयों में जगह बनाने की प्राथमिकता को लेकर ही कार्ययोजना बनाई जा रही है।
इसके पहले 2017 में एनआईआरएफ की रैकिंग में भी बीएचयू का देश के सरकारी विश्वविद्यालयों, उच्च शिक्षण संस्थानों में दसवां स्थान था जो 2018 में नौवें स्थान पर पहुंचा। कुलपति ने कहा कि हर पांच साल में इसका मूल्यांकन होता है।