आठ मई, 2008 से 21 अगस्त, 2011 तक कुलपति रहे प्रो. डीपी सिंह
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यूनिवर्सिटी ग्रांट कमीशन(यूजीसी) का चेयरमैन बनने वाले प्रो. डीपी सिंह बीएचयू के दूसरे कुलपति हैं, जिन्हें यह उपलब्धि मिली है। इसके पहले यहां कुलपति रहे प्रो. हरि गौतम भी इस पद पर चुने गए थे।
बतौर कुलपति प्रो. डीपी सिंह का कार्यकाल सामान्य रहा। उनकी खासियत यही रही कि उन्होंने शिक्षकों-छात्रों के बीच संवाद को कायम रखा जिससे किसी तरह की अप्रिय स्थिति नहीं बनी। उनकी चर्चा इसलिए भी होती थी कि वे हफ्ते में एक दिन साइकिल से केंद्रीय कार्यालय जाते थे।
प्रो. डीपी सिंह ने विश्वविद्यालय में 08 मई 2008 से 21 अगस्त 2011 तक यहां कुलपति के रुप में सेवाएं दी। इसके बाद वह सागर विश्वविद्यालय, इंदौर विश्वविद्यालय में कुलपति पद पर भी रहे। दो साल पहले अगस्त 2015 में नैक के निदेशक पद पर उनकी तैनाती हुई।
इस बीच प्रो. सिंह के यूजीसी का चेयरमैन बनने की खबर मिलते ही विश्वविद्यालय के शिक्षकों, अधिकारियों द्वारा फोन कर बधाई देने वालों का सिलसिला देर रात जारी रहा।
इसके पहले 02 अगस्त 1995 से 25 अगस्त 1998 तक प्रो. हरि गौतम यहां कुलपति रहे और कुलपति का कार्यकाल समाप्त होने के बाद उन्हें यूजीसी का चेयरमैन बनाया गया ।