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BHU fake intern: आरोपी डॉक्टरों के बयान दर्ज, साक्ष्य देखने के बाद नहीं मिल पाए कागजात, कार्रवाई का इंतजार

Thu, 09 Feb 2023 08:09 AM IST
किरन रौतेला न्यूज डेस्क, अमर उजाला, वाराणसी

सार

बीएचयू अस्पताल में इमरजेंसी, एमसीएच विंग, ट्रामा सेंटर में अपनी जगह ड्यूटी कराने के मामले में डॉ. सौमिक डे, डॉ. नितिन, डॉ. शुभम और डॉ. कृति अरोड़ा पर जालसाजी का मुकदमा दर्ज है। मामले में प्रो. संजीव गुप्ता की अध्यक्षता वाली पहली जांच समिति ने चार दिन में जांच कर अपनी रिपोर्ट निदेशक को दे दी।
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सर सुंदरलाल अस्पताल , बीएचयू - फोटो : फाइल
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विस्तार
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बीएचयू अस्पताल में डॉक्टरों (एमबीबीएस इंटर्न) द्वारा फर्जी इंटर्न से ड्यूटी कराने के मामले में गठित दूसरी समिति की जांच रिपोर्ट लटक गई है। मामले में आरोपी डॉक्टरों के बयान दर्ज करने, सीसीटीवी फुटेज देखने के बाद जांच समिति को इंटर्न की ड्यूटी से जुड़े कागजात नहीं मिल पाए हैं। जांच रिपोर्ट में देरी की वजह से कार्रवाई में भी देरी हो सकती है।

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बीएचयू अस्पताल में इमरजेंसी, एमसीएच विंग, ट्रामा सेंटर में अपनी जगह ड्यूटी कराने के मामले में डॉ. सौमिक डे, डॉ. नितिन, डॉ. शुभम और डॉ. कृति अरोड़ा पर जालसाजी का मुकदमा दर्ज है। मामले में प्रो. संजीव गुप्ता की अध्यक्षता वाली पहली जांच समिति ने चार दिन में जांच कर अपनी रिपोर्ट निदेशक को दे दी। निदेशक ने कुलपति को भी रिपोर्ट भेज दी है, इस पर कार्रवाई का फैसला कुलपति को करना है। इस बीच अस्पताल के एमएस प्रो. केके गुप्ता ने 27 जनवरी को मनोचिकित्सा विभाग के प्रो. संजय गुप्ता की अध्यक्षता में दूसरी समिति गठित की है। 12 दिन में अब तक समिति ने आरोपी डॉक्टरों का बयान दर्ज किया। फर्जी ड्यूटी से जुड़े फुटेज को भी देखा। जिन विभागों की ओर से चारों इंटर्न की ड्यूटी लगाई गई है, वहां के विभागाध्यक्ष से ड्यूटी से जुड़े कागजात मांगे गए थे। सूत्रों की माने तो अभी भी मामले में कई जरूरी कागजात जांच समिति को नहीं मिल पाए हैं। ऐसे में जांच रिपोर्ट भी तैयार नहीं हो पा रही है। 
 

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BHU admission - फोटो : Social Media
आरोपी डॉक्टर ने बीएएमएस छात्र का बताया नाम
फर्जी इंटर्न से ड्यूटी कराने वाले आरोपी डॉक्टर सौमिक डे ने पहली जांच समिति को बताया है कि बुखार और सिरदर्द की समस्या के बाद उसने खुद की ड्यूटी बीएएमएस छात्र से करने को कहा। इस पर संबंधित मेडिकल छात्र ने मोहित को ड्यूटी के लिए भेजा। जिस मेडिकल छात्र का नाम डॉ. सौमिक डे ने लिया है, उसने बातचीत में सौमिक से ड्यूटी के लिए किसी तरह की बातचीत न होने और मोहित नाम के किसी भी व्यक्ति को कभी न जानने की बात बताई है। अब सवाल यह है कि अपने बचाव में डॉ. सौमिक ने आयुर्वेद के मेडिकल छात्र का नाम क्यों लिया।
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