फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Year Ender 2025: बीएचयू में अव्यवस्थाओं से हुई किरकिरी, दो सरकारी मेडिकल कॉलेज की मिली सौगात

Sun, 28 Dec 2025 01:01 PM IST
अमन विश्वकर्मा अमर उजाला नेटवर्क, वाराणसी।

सार

Varanasi News: बीता साल काशी हिन्दू विश्वविद्यालय और सर सुंदरलाल चिकित्सालय के लिए साैगातों और समस्याओं से भरा रहा। कई ऐसी अव्यवस्थाएं सामने आईं, जिससे परिसर की किरकिरी हुई। वहीं, यहां दो मेडिकल काॅलेज भी मिले।
विज्ञापन
BHU Hospital - फोटो : अमर उजाला
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

स्वास्थ्य के क्षेत्र के लिए साल 2025 चर्चाओं ने रहा। बीएचयू अस्पताल में अव्यस्थाओं से खूब किरकिरी हुई। इसमें अस्पताल-ट्रॉमा सेंटर परिसर में जलभराव से व्यवस्था की पोल खुल गई तो ट्रॉमा सेंटर कैंपस में प्रोफेसर के कुर्सी पर लात मारने की घटना पूरे देश में चर्चा का विषय बनी रही।

विज्ञापन


इसके अलावा सुपरस्पेशियलिटी ब्लॉक में एमआरआई सहित रेडियोलॉजी से जुड़ी जांच के लिए होने वाले टेंडर में जालसाजी के आरोप में अस्पताल के एमएस समेत पांच लोगों पर लगे। उन पर दर्ज हुई प्राथमिकी से भी कई तरह के सवाल खड़े हो गए। हालांकि बीएचयू कैंपस के बाहर दो सरकारी मेडिकल कॉलेजों के बनने की दिशा में काम शुरू होने से मरीजों को आने वाले साल में बेहतर स्वास्थ्य सेवा मिलने की उम्मीद जगी है।

इस साल के शुरुआत से ही बीएचयू अस्पताल और इसके बाहर सरकारी अस्पतालों में बेहतर जांच, इलाज की आस में मरीज और उनके तीमारदार भी सुविधाओं की कमी से जूझते रहे। सरकारी अस्पतालों में हृदय रोग विशेषज्ञ, रेडियोलॉजिस्ट, चर्मरोग विशेषज्ञ, एनीस्थीसिया के साथ ही स्वास्थ्य केंद्रों पर बालरोग विशेषज्ञ, स्त्री रोग विशेषज्ञ, सर्जन के न होने की वजह से मरीज परेशान रहे। हालांकि साल के अंत तक 55 डाॅक्टरों की तैनाती कर दी गई। 

विज्ञापन

इसके अलावा बीएचयू को छोड़ किसी भी सरकारी अस्पताल में सुपरस्पेशियलिटी सेवाएं मिलने की आस इस साल भी अधूरी रह गई। उधर, साल के शुरुआत में बीएचयू अस्पताल में एमआरआई, अल्ट्रासाउंड, टूडी इको जैसी जरूरी जांच के लिए एक से दो महीने तक इंतजार करने से मरीजों को परेशानी का सामना करना पड़ा।

ओपीडी बुकलेट, ट्रॉमा सेंटर में डिजिटल रिकॉर्ड से राहत
इस साल नवंबर महीने में बीएचयू अस्पताल में चार पेज वाली ओपीडी पर्ची की जगह मरीजों को 50 पेज का ओपीडी बुकलेट देने का फैसला होने से मरीजों को राहत हुई। ऐसा इसलिए कि ओपीडी बुकलेट की वैधता छह माह से बढ़ाकर एक साल कर दी गई। इसके साथ ही ट्रॉमा सेंटर में पहली बार ओपीडी, खून जांच, एक्सरे आदि जांच के डिजिटल रिकॉर्ड होने से भी दूर दराज से आने वाले मरीजों को बड़ी सहूलियत हो रही है।

एक ही छत के नीचे बुजुर्गों को इलाज मिलने के लिए बीएचयू अस्पताल परिसर में नेशनल एजिंग सेंटर बनने और ट्रॉमा सेंटर परिसर में क्रिटिकल केयर ब्लॉक के बनने का काम तेज होने की वजह से आने वाले दिनों में मरीजों को एक ही छत के नीचे गंभीर बीमारियों के उपचार की सुविधा मिलने की आस जगी है। इसी साल ट्रॉमा सेंटर देश का पहला लेवन वन संस्थान बना, जहां ओपीडी रिकॉर्ड ऑनलाइन हुई। इसके लिए अवार्ड भी मिला।
विज्ञापन

इस साल की प्रमुख घटनाएं
  • 11 अप्रैल : पीएम नरेंद्र मोदी ने दीनदयाल उपाध्याय जिला अस्पताल के सामने मानसिक अस्पताल परिसर में मेडिकल कॉलेज का शिलान्यास किया।
  • जुलाई 2025: ईएसआईसी अस्पताल को मेडिकल कॉलेज की मान्यता मिली। अक्तूबर महीने में नई बिल्डिंग बनाने के लिए पिंडरा में जमीन चिह्नित की गई है।
  • 11 मई 2025: मुख्यमंत्री योगी ने बीएचयू में नेशनल सेंटर आफ एजिंग और ट्रॉमा सेंटर में 200 बेड वाले क्रिटिकल केयर ब्लॉक के निर्माण कार्य का जायजा लिया था।
  • 18 मई 2025: बीएचयू में रेडियोलॉजी विभाग के तहत जांच को लेकर टेंडर में फर्जी जीएसटी नंबर के प्रयोग में अस्पताल के चिकित्साधीक्षक समेत 5 लोगों पर केस हुआ।
  • 28 मई 2025: आईएमएस बीएचयू के रेजिडेंट समेत पांच कोरोना संक्रमित मरीज मिले थे। इसके बाद जिले के अस्पतालों में कोरोना जांच शुरू हो गई।
  • 26 मई 2025: बीएचयू ट्रॉमा सेंटर में कैंटीन के सामने रखी कुर्सियों को सर्जरी विभाग के प्रोफेसर के लात मारकर हटाने को लेकर सप्ताह भर तक विवाद चला।
  • 15 सितंबर 2025: जिला महिला अस्पताल के एमसीएच विंग से दो घंटे के नवजात को बाहर करने की घटना ने किरकिरी कराई।
  • 5 अक्तूबर 2025: बारिश की वजह से बीएचयू अस्पताल परिसर और ट्रॉमा सेंटर परिसर पूरी तरह जलमग्न हो गया था। ऑक्सीजन सिलिंडर भी तैरता रहा।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें