फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

दावा: देसी गाय के मूत्र से ठीक हुआ स्टेज-4 का कैंसर, बीएचयू में एक्सपर्ट बोले- दूध में है स्वर्ण भस्म

Sun, 22 Sep 2024 06:01 PM IST
प्रगति चंद अमर उजाला नेटवर्क, वाराणसी।

सार

बीएचयू में एक्सपर्ट ने दावा किया कि देसी गाय के मूत्र से स्टेज-4 का कैंसर ठीक हुआ। इतना ही नहीं विशेषज्ञ ने कहा कि दूध में स्वर्ण भस्म है।  
विज्ञापन
सांकेतिक तस्वीर। - फोटो : istock
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

बीएचयू के कृषि शताब्दी सभागार में ‘भारतीय गाय, जैविक कृषि एवं पंचगव्य चिकित्सा’ की थीम पर कार्यक्रम की शुरुआत हुई। पहले दिन इसमें 10 से ज्यादा राज्यों के 500 से ज्यादा गौसेवक, वैज्ञानिक और किसान शामिल हुए। इसमें आए एक्सपर्ट्स ने गाय के मूत्र से स्टेज-4 कैंसर की बीमारी ठीक होने का भी दावा किया है।

विज्ञापन


इसके अलावा, पैरालिसिस, किडनी स्टोन और डायलिसिस रुकने की समस्या में भी कारगर बताया गया। वहीं, ये भी बताया गया कि देसी गाय के दूध में स्वर्ण और चांदी भस्म हैं। इनकी वजह से दूध की मलाई हल्की पीली होती है। महाराष्ट्र से आए गौसेवक सुनील मानसिंहका ने गोमूत्र और पंचगव्य की बनी एक दवा भी दिखाई।

कहा कि इस औषधि के 5 से ज्यादा पेटेंट हैं। 2018 में संसद में भी बांटा गया था। इसका इस्तेमाल स्टेज 4 के कैंसर रोगियों में भी हो रहा है। इस पर केरल के डॉक्टर वरमुडी काम कर रहे हैं। किसी की डायलिसिस बंद हो रही तो किसी को किडनी में स्टोन, पैरालिसिस और ऑटो इम्यून रोग हो रहे हैं। इस गोमूत्र और पंचगव्य की दवा में इसका समाधान है।

विज्ञापन
विज्ञापन

गाय के दूध में स्वर्ण और चांदी भस्म

कार्यक्रम के चेयरमैन और आयुर्वेद संकाय के प्रो. ओपी सिंह ने कहा कि भारत में देसी गाय की 48 नस्लें हैं। देसी गाय के दूध की मलाई में पीलापन होता है। वैज्ञानिकों ने रिसर्च करके बताया कि इसमें स्वर्ण भस्म और चांदी भस्म आयनिक फॉर्म में पाया जाता है। इसलिए इसको रसायन कहा गया है। इससे किसी तरह की बीमारी नहीं होगी।

बुजुर्ग रोज खाए 10-20 ग्राम बिलौना घी
बुजुर्गों को देसी गाय के बिलौना घी का इस्तेमाल करना चाहिए। उसकी मलाई में दही मिलाकर उसको फरमेंट करके जो बनाते हैं, वही घी है। हर किसी को स्वस्थ रहने के लिए 10 से 20 ग्राम देसी घी का इस्तेमाल करना चाहिए। ए-1 और ए-2 मिल्क शरीर में सूजन और बीमारियां बढ़ा रहा है। पश्चिमी देश इसका खूब प्रचार प्रसार कर रहे हैं। हमें इन दूध से बचना चाहिए।

इस कार्यक्रम में आइएमएस-बीएचयू के निदेशक प्रो. एसएन संखवार और प्रो. सुनीता पेडनेकर समेत कई प्रोफेसरों और एक्सपर्ट ने गाय और उसके फायदों पर अपनी राय रखी।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें