निर्धारित तिथि के ढाई महीने बाद भी प्रतिवादियों के वकील ने एक बार फिर निर्देश प्राप्त करने के लिए समय की मांग की। वकील ने कोर्ट को बताया कि संबंधित सचिव, शिक्षा मंत्रालय, उच्च शिक्षा विभाग, नई दिल्ली को सूचित करने के बावजूद कोई प्रतिक्रिया नहीं मिली है।
न्यायालय ने इस पर नाराजगी जताते हुए एक और अवसर दिया है। स्पष्ट किया है कि यदि अगली तारीख पर जवाब उपलब्ध नहीं कराया जाता है तो न्यायालय आदेश पारित करने के लिए बाध्य होगा। अगली सुनवाई 29 जुलाई को होगा।