12 साल से लगातार उत्पीड़न का आरोप
पीड़िता ने आरोप लगाते हुए कहा कि जांच-समिति की रिपोर्ट में मेरे सभी सहपाठियों और चार तत्कालीन विभागाध्यक्षों द्वारा शैल कुमार चौबे के पिछले 12 साल से लगातार छात्राओं का उत्पीड़न करने की पुष्टि के बावजूद एक कॉकस उसे वापस लाने पर आमादा है। 40 छात्र-छात्राओं और शिक्षकों के लिखित और वीडियो बयान दर्ज हैं जिनका अब नई जांच होने की स्थिति में आना असंभव होगा।
तकनीकी आधार पर दिए गए निर्णय के बाद विश्वविद्यालय उसे सेवा में वापस ले चुका है और विश्वविद्यालय इस आदेश के विरुद्ध उच्चतम न्यायालय में न सिर्फ अपील नहीं कर रहा है। इन तर्कों को आधार बना कर उन्हें कार्यपरिषद से अनुमोदित करा कर उनकी नियमित सेवाओं में वापसी कराई जा रही है।