बीएचयू में इलाज के लिए इंतजार में बैठे मरीज व उनके परिजन
- फोटो : अमर उजाला
बीएचयू अस्पताल में रेजिडेंट डॉक्टरों की हड़ताल जैसे-जैसे बढ़ती जा रही है, मरीजों की दुश्वारियां भी बढ़ती जा रही हैं। हड़ताल के सातवें दिन सोमवार को ओपीडी तो खुली, लेकिन आधे से अधिक विभागों में कंसल्टेंट नहीं पहुंचे। इसके कारण ओपीडी का ग्राफ भी घटकर नीचे आ गया। इधर, सोमवार को केवल आठ ऑपरेशन ही हो सके। वहीं, 29 मरीजों को भर्ती किया गया। दूरदराज से आने वाले मरीजों को बिना इलाज लौटना पड़ा।
कोलकाता के आरजी कर अस्पताल में महिला डॉक्टर के साथ दरिंदगी का विरोध थमने का नाम नहीं ले रहा है। स्थिति यह है कि हर दिन बड़ी संख्या में वाराणसी और आसपास के जिलों के अलावा दूरदराज से बीएचयू आने वाले मरीज अपना इलाज नहीं करवा पा रहे हैं। सोमवार को ओपीडी में 631 मरीज ही देखे गए। जबकि इमरजेंसी में 38 लोगों को देखा गया। एक्सरे और अल्ट्रासाउंड का ग्राफ भी गिरकर 50 पर आ गया।
इमरजेंसी में भी नहीं दिखे रेजिडेंट, मरीज परेशान
बीएचयू में इलाज के लिए इंतजार में बैठे मरीज व उनके परिजन
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आईएमएस बीएचयू के रेजिडेंट्स ओपीडी और वार्ड में सेवाएं नहीं दे रहे हैं। इमरजेंसी में सेवा देने की बात तो हर दिन कह रहे हैं, लेकिन सोमवार की दोपहर में बीएचयू और ट्रॉमा सेंटर की इमरजेंसी में भी इक्का-दुक्का ही रेजिडेंट नजर आए। समय से डॉक्टरों के न देखने की वजह से इमरजेंसी में भी डॉक्टरों से परामर्श लेने वाले मरीजों की संख्या कम हो गई है।
समय से खुला पर्चा काउंटर, नहीं पहुंचे कंसल्टेंट
सोमवार की सुबह पर्चा काउंटर तो समय पर खुला। लेकिन, मरीज पर्चा लेकर ओपीडी में गए तो वहां शनिवार की तरह सोमवार को भी कंसल्टेंट नहीं रहे। आधे से अधिक विभागों की ओपीडी खाली रही। इसके कारण नए मरीज और फॉलोअप पर आए मरीजों को बिना इलाज लौटना पड़ा।
आज शहीद उद्यान से निकलेगा सामूहिक विरोध मार्च
कोलकाता की घटना के विरोध में मंगलवार को सामूहिक विरोध मार्च निकाला जाएगा। इसमें आईएमएस के साथ ही अन्य अस्पतालों, मेडिकल कॉलेज के रेजिडेंट के साथ ही डॉक्टर, अधिवक्ता, समाजसेवी सहित अन्य लोग शामिल होंगे। शहीद उद्यान से शाम छह बजे निकलने वाली रैली आईपी मॉल चौराहा होते हुए भारत माता मंदिर तक जाएगी। यहां महिला डॉक्टर को श्रद्धांजलि दी जाएगी।