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मरीजों को देख मुंह मोड़ रहे बीएचयू के चिकित्सक

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वाराणसी। बदइंतजामी की इंतेहा देखनी हो तो बीएचयू के सर सुंदरलाल अस्पताल चले आइए। इमरजेंसी में मरीजों को आक्सीजन युक्त बेड नहीं मिल रहा तो वहीं मरीज को देखे बगैर चिकित्सक लौटा दे रहे हैं। इमरजेंसी के बाहर स्थिति तो यह है कि मरीजों के तीमारदारों से सीधे मुंह बात तक नहीं की जा रही है।
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हेल्प डेस्क से मदद सिर्फ सोर्स वालों को मिल रही है। वहीं कोविड वार्डों में चिकित्सक दिख तक नहीं रहे हैं। बेड पर मरीज छटपटा रहे हैं लेकिन स्टाफ का दिल तक नहीं पसीज रहा। चिकित्सक वार्डों के दरवाजे से ही मरीजों को मोटिवेशनल स्पीच देकर निकल रहे हैं। मरीज के तीमारदार कोविड वार्डों में मरीज की हाल जानने के लिए बेकरार रहते हैं लेकिन कोई सूचना नहीं मिल रही है। विवश होकर तीमारदार खुद पीपीई किट पहनकर दिन भर में एक चक्कर लगा आ रहे हैं।
केस-1
बीएचयू के इमरजेंसी वार्ड में बेड नंबर 79 पर सरिता राय मरीज भर्ती थी। अचानक एक स्टाफ आया और कहा कि इमरजेंसी में आक्सीजन नहीं है। तीमारदार ने बेड के बगल में पड़े आक्सीजन को दिखाया तो कहा गया कि फ्लोमीटर नहीं है। यहां से ले जाइए। ऐसे में तीमारदारों ने नाजुक हाल में मरीज को रविंद्रपुरी स्थित एक अस्पताल में भर्ती कराया।
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केस-2
कोविड वार्ड के चौथे तल पर गाजीपुर के रहने वाले संतोष कुमार राय के रिश्तेदार भर्ती हैं। उनका कहना था कि तीन दिन से भर्ती मरीज को चिकित्सक देखने नहीं आए थे। सिर्फ स्टाफ ही ड्रीप और दवा की डोज वगैरह दे रहे थे। एक बार कोई महिला चिकित्सक आई तो वह दरवाजे से ही कुछ बताकर लौट गई।
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