महिला और पति दोनों की होती काउंसिलिंग
एमसीएच विंग में एचआईवी, हेपेटाइटिस सहित कई जरूरी जांच होती है। डॉक्टर कभी-कभी गर्भवती महिला और उसके पति दोनों को जांच की सलाह देती है। जो जांच केंद्र चल रहा था, उसमें दोनों की काउंसिलिंग की जाती है, इसके बाद जांच करवाई जाती है। अब जांच न होने से महिलाओं को भटकना पड़ रहा है। विभागाध्यक्ष प्रो. संगीता राय का कहना है कि महिला मरीजों से जुड़ी सेवाओं से जिस तरह खिलवाड़ किया गया है, वो गलत है। बताया कि कुलपति और निदेशक दोनों को पूरा वीडियो दिखाया गया है।
हकीकत कैमरे में कैद, फुटेज से छेड़छाड़ का डर
स्त्री रोग विभागाध्यक्ष ने आईएमएस बीएचयू के निदेशक प्रो. एसएन संखवार को बृहस्पतिवार को एक पत्र लिखकर घटना वाले दिन यानी 20 फरवरी की दोपहर का फुटेज सुरक्षित रखवाने को कहा है। पत्र में प्रो. संगीता राय ने बताया कि जिस समय कमरे से जांच किट, जरूरी कागजात, आलमारी फेंकी जा रही थी, वहां गर्भवती महिलाएं, उनके परिजन सहित अन्य लोग थे। बताया कि पूरी घटना कैमरे में कैद हो गई है। ऐसे में डर है कि फुटेज से छेड़छाड़ की जा सकती है। विभागाध्यक्ष ने फुटेज को सुरक्षित रखवाने को कहा है।
स्त्री रोग विभागाध्यक्ष और एमएस दोनों से अलग-अलग बात की गई है। कुलपति के निर्देश पर एमसीएच विंग में जांच के लिए दूसरी जगह दिलाई जाएगी। इसकी जानकारी विभागाध्यक्ष को दी जा चुकी है। फिलहाल जांच न प्रभावित हो, इस दिशा में सभी व्यवस्था की जा रही है। - प्रो. एसएन संखवार,निदेशक, आईएमएस