यह भी कहा गया कि परिसर में रहने वाले कर्मचारी अगर कोरोना से ग्रसित होते है तो इसकी सूचना सम्पदा कार्यालय देनी होगी। इसके अलावा कोरोना के लक्षण आने पर तुरंत जांच कराने का की सलाह भी दी गई है। कहा गया कि डॉक्टर द्वारा जो भी दवाई लिखी जाएगी वह विश्वविद्यालय कर्मचारी स्वास्थ्य सेवा संकुल पर उपलब्ध रहेंगी। मरीज की स्थिति के अनुसार प्रभारी सीएमओ सुपर स्पेशलिटी ब्लॉक और सर सुंदरलाल अस्पताल में भर्ती कराने का निर्णय लेंगे।
बैठक में विश्वविद्यालय परिसर में बाहरी व्यक्तियों का अनावश्यक आवागमन को प्रतिबंधित करने, विश्वविद्यालय मुख्य गेट को छोड़कर सभी गेट को जिला प्रशासन द्वारा घोषित रात्रिकालीन कर्फ्यू के दौरान बंद रखने का निर्णय लिया गया।