बीएचयू में इस बार 500 मेडल और 15 हजार उपाधियां दी जाएंगी। इसमें यूजी, पीजी, पीएचडी, एमफिल आदि कोर्स के विद्यार्थी शामिल होंगे। स्वतंत्रता भवन में होने वाले दीक्षांत समारोह के मुख्य कार्यक्रम के बाद 12, 13, 14, 15 और 16 दिसंबर को होने वाले समारोह में सभी 14 संकायों को मिलाकर करीब 500 छात्र-छात्राओं को गोल्ड, सिल्वर और ब्रॉन्ज मेडल दिए जाएंगे। फिलहाल बीएचयू के अधिकारी मेडल पाने वाले उपाधिधारकों की सूची तैयार कर रहे हैं।
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संकाय स्तर पर चल रही तैयारियों के मुताबिक सभी छात्रों को डिग्री, मेडल और प्राइज देने के लिए बीएचयू की फंडिंग एजेंसियों के निदेशक, पद्म अवाॅर्डी, शिक्षा जगत से जुड़े खास मेहमान आदि को डाक से आमंत्रण और मेल के जरिये ई-कार्ड भेजे जा रहे हैं। हर संकाय की ओर से एक विशिष्ट अतिथि और डीन मिलकर उपाधि और मेडल देंगे।
बीएचयू का दीक्षांत समारोह आठ दिन बाद है लेकिन अभी तक कुछ विभागों में पीएचडी वाइवा ही नहीं हो पाया है। इसके मद्देनजर रिसर्च डिग्री कमेटी (आरडीसी) बृहस्पतिवार तक ही होगी। आज इसकी अंतिम तिथि है। हालांकि कई छात्रों का कहना है कि शोध का वाइवा ही अभी तक नहीं हो सका है। वहीं, कई विभागों में वाइवा अब भी जारी है। बुधवार को बीएचयू के छात्रों ने कुलसचिव से मुलाकात कर अपनी मांगों से अवगत भी कराया।
छात्रों ने कहा कि यदि आरडीसी की अंतिम तारीख नहीं बढ़ाई गई तो फिर दीक्षांत समारोह में शामिल होने से वंचित हो जाएंगे। 12 दिसंबर को बीएचयू का पांच दिवसीय दीक्षांत समारोह मनाया जाएगा। छात्र दिव्यांशु त्रिपाठी, शोध छात्र सत्यनारायण सिंह और रत्नेश कुमार यादव ने बताया कि तमाम शोध छात्रों का वाइवा अभी चल रहा है या होने वाला है। यदि आरडीसी की तिथि कुछ दिनों के लिए नहीं बढ़ाई गई, तो मंच से उपाधि लेने का सपना टूट जाएगा।