वाराणसी। बीएचयू में 2007 से 2020 तक शैक्षणिक और गैर शैक्षणिक पदों पर हुई नियुक्तियों में आरक्षण(रोस्टर) के पालन को लेकर राष्ट्रीय पिछड़ा वर्ग आयोग ने कुलपति से जवाब मांगा है। इसमें वर्षवार-पक्षवार रोस्टर के साथ ही 2007 से 2020 तक योग्य अभ्यर्थियों के न मिलने से रिक्त पदों की भी जानकारी मांगी है।
आयोग में संयुक्त निदेशक डॉ. मधुमाला चट्टोपाध्याय ने 17 सितंबर को कुलपति को लिखे पत्र में धर्मागम विभाग में असिस्टेंट प्रोफेसर पद पर हुई नियुक्तियों में शॉर्ट लिस्टिंग के मानक, ओबीसी अभ्यर्थियों को मिलने वाली छूट, साक्षात्कार में आए अभ्यर्थियों की मार्किंग लिस्ट देने को कहा है। संयुक्त निदेशक ने अपने पत्र में चयन समिति द्वारा अभ्यर्थियों को योग्य न पाए जाने सहित अन्य बिंदुओं पर सात दिन के भीतर रिपोर्ट आयोग को देने को कहा है। इस बारे में पूछे जाने पर पीआरओ डॉक्टर राजेश सिंह ने पत्र मिलने की पुष्टि भी की है। बताया कि बीएचयू में भारत सरकार के निर्देशानुसार ही नियुक्ति प्रक्रिया की जाती है।