वाराणसी। बीएचयू अस्पताल में शव बदले जाने का मामला गरमाता जा रहा है। मरीज के बेटे और इंस्पेक्टर अनुपम श्रीवास्तव ने मामले में लंका थाने में तहरीर दी है। जिसमें उन्होंने बीएचयू में इलाज में लापरवाही और मौत के बाद पिता के शव को जानबूझकर गायब करने का आरोप लगाते हुए मुकदमा दर्ज करने की मांग की है।
अर्दली बाजार स्थित रूद्र बिहार महावीर मंदिर निवासी 82 वर्षीय केशव श्रीवास्तव की मंगलवार की देर रात मौत हो गई थी। बुधवार को जब बेटे के साथ परिजन शव लेने बीएचयू पहुंचे तो उनके पिता का शव कोरोना से मृत एडिशनल सीएमओ के परिजनों को दे दिया गया था। केशव श्रीवास्तव के बेटे अनुपम की तहरीर के मुताबिक पिता को टाइफाइड और निमोनिया की वजह से सांस लेने में तकलीफ हुई तो 9 अगस्त को भोजूबीर स्थित अस्पताल में ले गए। जहां 11 अगस्त को कोरोना रिपोर्ट पॉजिटिव आने पर उन्हें बीएचयू रेफर किया गया। एम्बुलेंस में ऑक्सीजन सिलेंडर से सांस दी जा रही थी और रात करीब 1:30 बजे बीएचयू में उतारने के बाद कहने पर भी जल्द ऑक्सीजन की व्यवस्था भी नहीं की गई। समय से ऑक्सीजन सपोर्ट देने में लापरवाही के कारण ही आधे घंटे में पिता की मौत हो गई।
अनुपम ने बताया कि अगले दिन सुबह जब शव लेने बीएचयू मोर्चरी पर पहुंचे तो तीन-चार घंटे तक शव देने में पहले तो बहानेबाजी की गई बाद में कोरोना से मरे एडिशनल सीएमओ डॉ. जंग बहादुर का शव दिया जाने लगा जिसको लेने से मैंने इंकार कर दिया। तहरीर में आरोप लगाया है कि बीएचयू प्रशासन ने लापरवाही छुपाने के लिए पिता के शव को गायब कर दिया है। इसके लिए उन्होंने छठे तल पर तैनात डाक्टर, कोविड ड्यूटी में तैनात एक महिला प्रोफेसर, मोर्चरी से जुड़े अधिकारियों, कर्मचारियों को जिम्मेदार ठहराते हुए मुकदमा दर्ज करने की मांग की है। साथ ही शव दिलाने की मांग भी की है, जिससे अंतिम संस्कार कर सके।
मामले में तहरीर मिली है। वरिष्ठ अधिकारियों से बात हुई है। मामला डाक्टरों से जुड़ा है, इसलिए अग्रिम कार्रवाई के लिए जिलाधिकारी की अनुमति के लिए भेजा गया है। जिलाधिकारी के निर्देश पर आगे की कार्रवाई होगी। -महेश पांडेय,इंस्पेक्टर लंका
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शव बदलने के मामले में कमेटी ने शुरू की जांच
-अस्पताल से जुड़े लोगों के साथ ही परिजनों का बयान दर्ज कर सकती है कमेटी
वाराणसी। बीएचयू अस्पताल में कोरोना मरीज का शव बदले जाने के मामले में गठित जांच कमेटी ने बृहस्पतिवार से जांच शुरू कर दी है। इस मामले में मरीजों के परिजनों, अस्पताल से जुड़े कुछ लोगों का भी बयान दर्ज किया जा सकता है। अब सभी की नजरें जांच कमेटी की रिपोर्ट पर ही टिकी है। बुधवार को शव बदलने के आरोपो के बाद अस्पताल के चिकित्सा अधीक्षक डॉ.एस के माथुर ने हृदय रोग विभाग के अध्यक्ष डॉ. धर्मेंद्र जैन की अध्यक्षता में जो तीन सदस्यीय जांच कमेटी गठित की है कमेटी ने जांच शुरू कर दी है। सूत्रों की मानें तो इस पूरे मामले में सुपरस्पेशलिटी कांप्लेक्स से मरीज के मौत के बाद मोर्चरी हाउस में शव रखे जाने और इस पूरी व्यवस्था में लगे लोगों से उनका बयान दर्ज करने के साथ ही यह भी माना जा रहा है कि संबंधित मरीज के परिजनों से भी जांच कमेटी के सदस्य पूछताछ कर करेंगे। हालांकि इसमें प्रथम दृष्टया जिस तरह की लापरवाही सामने आई है। अभी बीएचयू प्रशासन की ओर से किसी तरह की कोई कार्यवाही भी नहीं की गई है।