वाराणसी। बीएचयू पूरा छात्र प्रकोष्ठ की ओर से पुरातन छात्रों से ऑनलाइन संवाद की दूसरी कड़ी में जाने-माने समाजशास्त्री प्रो. आनंद कुमार ने बृहस्पतिवार को राष्ट्र निर्माण का गांधी मार्ग विषय पर बात रखी। उन्होंने कहा कि राष्ट्र निर्माण की चुनौतियों से निपटने के लिए नैतिक स्वराज की दिशा में काम करना होगा।
प्रो. आनंद कुमार ने कहा कि महात्मा गांधी द्वारा बताई आर्थिक नीतियों को लागू किए बिना एक खुशहाल भारतीय राष्ट्र का निर्माण मुश्किल है। आर्थिक गैर बराबरी को दूर किए बगैर समाज में व्याप्त समस्याओं को नहीं सुलझाया जा सकता है। बीते दशकों में जिस तरह से भारत में खरबपतियों की संख्या बढ़ी है, उससे असमानता की खाई भी उतनी ही तेजी से बढ़ती जा रही है।
इस दौरान उन्होंने अपने बीएचयू के छात्र जीवन की यादों को भी लोगों से साझा किया। उन्होंने ने कहा कि हाल के दिनों में कोरोना संकट ने भारत के आर्थिक गैर बराबरी को उघाड़ कर रख दिया है जो पैसे वाले थे वो घरों में रहे और जिनके पास बचत नही था, उन्हें अपने ही देश में ही प्रवासी संबोधन दे दिया गया। भारत अपने राष्ट्र निर्माण की प्रक्रिया में लगा तो है, लेकिन इसकी सफलताओं का खाका असफलताओं से बहुत ज्यादा बड़ा नहीं है। हल्की चोट पड़ने पर भी राष्ट्रीयता में दरारें दिखाई पड़ती हैं। इस दौरान वर्चुअल मंच पर कुलपति प्रो. राकेश भटनागर और बीएचयू पूरा छात्र प्रकोष्ठ के अध्यक्ष प्रो. सुशीला सिंह के प्रति भी आभार जताया गया।