कांग्रेस के पूर्व विधायक अजय राय ने भी लॉटरी और मेरिट से सीएचएस में दाखिले के विश्वविद्यालय के फैसले पर आपत्ति जताई है। प्रेस को जारी बयान में कहा कि प्रवेश प्रक्रिया को समाप्त करना योग्यताओं का गला घोंटने के बराबर है। बीएचयू से ही संबद्ध सेंट्रल हिंदू स्कूल का इतिहास भी गौरवशाली और रहा है, यह बीएचयू से भी पहले स्थापित 1898 में एनी बेसेंट के प्रयासों से स्थापित हुआ। प्रवेश परीक्षा न कराकर लॉटरी से दाखिले का फैसला विश्वसनीयता और प्रतिष्ठा पर सवाल खड़ा करता है। इसकी जितनी निंदा की जाए वह कम है।
पूर्वांचल अभिभावक संघ के बैनर तले अभिभावकों ने लॉटरी और मेरिट से दाखिले के फैसले के विरोध में सीएचएस ब्वायज स्कूल के मेन गेट पर धरना देकर प्रधानाचार्य को ज्ञापन सौंपा। अध्यक्ष नरेंद्र प्रसाद पांडेय, महामंत्री राजेंद्र कुमार त्रिपाठी ने बीएचयू प्रशासन के फैसले को अन्यायपूर्ण बताया। अब जबकि कोरोना संक्रमण की स्थितियां सामान्य हैं तो प्रवेश परीक्षा करानी चाहिए। चेतावनी दी कि जल्द ही लॉटरी, मेरिट से दाखिले का फैसला वापस न हुआ तो आंदोलन तेज होगा।