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बीएचयू में बवालः एक सप्ताह से ही लिखी जा रही थी धरने की पटकथा

Sun, 24 Sep 2017 11:37 AM IST
amarujala.com, written by रबीश श्रीवास्तव
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बीएचयू छात्राओं का दिन भर चला प्रदर्शन - फोटो : अमर उजाला
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इसमें कोई दो राय नहीं कि बीएचयू कैंपस में पिछले कुछ समय से छेड़खानी की घटनाएं बढ़ी हैं। इसी के साथ कभी संकाय तो कभी छात्रावासों में मारपीट, बवाल भी हो रहा है। पर अचानक शुक्रवार को जिस तरह आंदोलन का लावा फूट पड़ा वो विश्वविद्यालय प्रशासन के लिए चौंकाने वाला रहा।
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रणनीतिकारों ने आंदोलन के लिए ऐसा वक्त चुना जब शहर में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ ही राज्यपाल रामनाइक, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ मौजूद थे। विश्वविद्यालय प्रशासन इसे पूर्व नियोजित साजिश का हिस्सा मान रहा है।

प्रशासन का यह भी मानना है कि कुलपति विरोधी लॉबी भी छात्राओं के इस आंदोलन को हवा दे रही है। छात्राओं के गुस्से को ऐसे ही लोगों ने भुनाया है। 
बीएचयू कैंपस में किसी छात्रा के साथ छेड़खानी की घटना कोई नई बात नहीं है।

इस तरह की घटनाओं की शिकायत लगभग महीने में दो-तीन बार चीफ प्राक्टर के पास पहुंचती रहती हैं लेकिन जिस तरह शुक्रवार को सुबह से देर रात तक धरना चला उससे कई सवाल खड़े हो रहे हैं।
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सूत्रों की मानें तो इसकी पटकथा सप्ताह भर पहले ही लिखी गई थी और इसके रणनीतिकार कोई और नहीं बल्कि विश्वविद्यालय प्रशासन में ही छिपे कुछ लोग हैं।

जिस तरह परिसर में सक्रिय रहने वाले छात्र संगठनों से जुड़े लोग उनका समर्थन कर रहे थे, कुछ शिक्षकों के भी छात्राओं को उकसाने की चर्चा होती रही। इससे इस बात के संकेत मिलते हैं कि इतने बड़े आंदोलन का मास्टरमाइंड आखिर कौन है। 
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छात्रा के सिर मुड़वाने पर विवि प्रशासन ने उठाया सवाल

धरनारत छात्राओं के बीच सिर मुड़ाए एक छात्रा - फोटो : अमर उजाला
धरनारत छात्राओं के बीच सिर मुड़ाए बैठी त्रिवेणी हॉस्टल की एक छात्रा के वहां बैठने पर विश्वविद्यालय प्रशासन ने सवाल उठाया है। हालांकि जिस तरह वह धरने के बीच में बैठी थी, उससे यही लग रहा था कि धरने में पहुंचकर वह लोगों की सहानुभूति बटोरना चाह रही थी।

प्रेस को जारी किए गए अपने बयान में विश्वविद्यालय प्रशासन ने 31 मई और नौ जून को उसके फेसबुक पेज का पोस्ट मेल किया है। यह भी कहा है कि छात्रा ने शौक में अपने बाल मुड़वाए हैं। ऐसी छात्रा को आगे करके लोगों को गुमराह करने की कोशिश की गई है।

इस पूरे प्रकरण पर विश्वविद्यालय प्रशासन का कहना है कि कुछ लोग विश्वविद्यालय को बदनाम करने की साजिश रच रहे हैं और छात्र-छात्राओं को मोहरा बनाया जा रहा है। कैंपस में सुरक्षा चाक-चौबंद रहती है। सिंहद्वार पर चल रहा धरना पूरी तरह राजनीति से प्रेरित है।

यह पीएम के आगमन पर विश्वविद्यालय की छवि धूमिल करने की सुनियोजित और प्रायोजित साजिश है। प्रशासन का यह भी कहना है कि इसमें ऐसे लोग शामिल रहे जो अनुशासनहीनता के आरोप में निलंबित-निष्कासित हो चुके हैं। छात्राओं की ओर से दिए गए शिकायती पत्र पर कार्रवाई चल रही है। 
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