वाराणसी के शाहंशाहपुर की मुसहर बस्ती में स्वच्छता अभियान का शुभारंभ करने पहुंचे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को अपने बीच पाकर ग्रामीण बेहद उत्साहित नजर आए। प्रधानमंत्री ने यहां स्वच्छता अभियान को आगे बढ़ाने वालों से बात की।
शौचालय के लाभाथियों से भी मिले। सबका हौसला बढ़ाया और जनांदोलन के रूप में स्वच्छता की मुहिम से जन-जन को जोड़ने की प्रेरणा दी। ग्राम प्रधान चंद्रकला समेत अन्य ग्रामीणों ने भी एक स्वर में पीएम को भरोसा दिलाया कि हम अपने गांव को स्वच्छता का मॉडल बनाएंगे। आपकी प्रेरणा ने स्वच्छता की नई अलख जगाई है। गांव को शतप्रतिशत ओडीएफ किया जाएगा।
लाभार्थी मदीना से प्रधानमंत्री ने साफ-सफाई के बारे में बातचीत की। मदीना ने पीएम को भरोसा दिलाया कि वह और उसका परिवार हमेशा शौचालय का इस्तेमाल करेंगे और साफ-सफाई पर पूरा ध्यान देंगे। ग्राम प्रधान चंद्रकला से प्रधानमंत्री ने उनका नाम और पढ़ाई के बारे में पूछा।
प्रधान ने बताया कि उन्होंने इंटरमीडिएट की पढ़ाई की है। स्वच्छता अभियान से पूरे गांव को जोड़ने की कोशिश की जा रही है। जल्द से जल्द गांव को शत प्रतिशत ओडीएफ किया जाएगा।
मुसहर बस्ती के निवासी महेंद्र पीएम को प्रणाम करने के बाद उनके पांव छूने लगा तो उसे रोकते हुए पहले कुशल-क्षेम पूछी। बच्चों को पढ़ाई-लिखाई पर ध्यान देने की सीख दी।
लाल बहादुर और स्वच्छता ग्राही फेरई राम से भी प्रधानमंत्री ने बात की और स्वच्छता अभियान के लिए उनका हौसला बढ़ाया। इस दौरान स्वच्छता भारत मिशन (ग्रामीण) के निदेशक विजय किरन आनंद भी मौजूद थे।
शाहंशाहपुर में स्वच्छता अभियान के तहत गठित निगरानी समिति की सदस्यों से भी प्रधानमंत्री ने बात की। निगरानी समिति कीआराधना, मानसी और श्वेता ने अपना नाम, अपनी पढ़ाई के बारे में प्रधानमंत्री को बताया। आराधना और श्वेता ने बताया कि उन्होंने एमए की पढ़ाई की है।
इस पर पीएम ने खुशी जाहिर करते हुए उनका उत्साहवर्धन किया। ऊदल प्रताप ने बताया कि वह इस गांव का स्वच्छता ग्राह है। उसकी टीम के लोग सुबह शाम सीटी बजाते हैं, खुल में शौच न जाने के लिए लोगों को जागरूक करते हैं। इस पर प्रधानमंत्री ने ऊदल की पीठ थपथपाई।