ट्राॅमा सेंटर में डॉक्टरों और कर्मचारियों की पिटाई से जख्मी बिरला हास्टल के छात्रांे को उपचार के लिए ले जाया जा रहा बीएचयू के सर सुंदरलाल अस्पताल।
ट्रामा सेंटर में छात्रों और रेजिडेंट डाक्टरों के बाद भड़के बवाल का सबसे अधिक असर बीएचयू के सरसुंदरलाल अस्पताल में दिखा। बवाल की सूचना से जहां भर्ती मरीज सहमे दिखे वहीं देर रात पुलिस की आमोदरफ्त से तिमारदार खासे परेशान हुए। बीएचयू अस्पताल के आपातकक्ष से लेकर पूरे परिसर में तीन घंटे से अधिक समय तक अफरातफरी का माहौल रहा। बवाल बढ़ने की आशंका से ट्रामा सेंटर के सभी गेट को बंद कर दिया गया। इस दौरान दूर-दराज से आए मरीजों को अंदर नहीं आने दिया गया और उन्हें बाहर से ही लौटा दिया गया। छात्रों के साथ मारपीट की घटना के बाद लंका चौराहा पुलिस छावनी में तब्दील नजर आया। वरिष्ट पुलिस अधीक्षक आकाश कुलहरि ने पूरे आपरेशन को खुद संभाला और भारी पुलिस फोर्स के साथ पैदल मार्च कर बवाल को शंात करने की कोशिश की। गंभीर रूप से घायल छात्रों को सर सुंदरलाल अस्पताल में भर्ती कराया। देर रात घायल तीन छात्रों को कबीरचौरा अस्पताल भेज दिया गया।
बताया जाता है कि विश्वविद्यालय के बीए द्वितीय वर्ष के छात्र शुभम तेवतिया को चोट लगी थी। रात साढ़े नौ बजे टांके की ड्रेसिंग कराने वह अपने साथी के साथ ट्रामा सेंटर पहुंचा था। ड्रेसिंग में लेटलतीफी को लेकर उसकी डाक्टरों से कहासुनी हो गई। इसके बाद ट्रामा सेंटर के स्टाफ और डाक्टरों ने उसे बुरी तरह पीट दिया। खून से लथपथ शुभम जब अपने हास्टल (बिरला ए) लौटा तो उसकी हालत देख साथी गुस्से से आग बबूला हो गए।
छात्रों का गुस्सा मेडिकल छात्रों पर उतरा। बिरला हास्टल के छात्रों ने मेडिकल छात्रों के धन्वंतरि हास्टल पर हमला बोल दिया। बाहर खड़ी बाइक को गिरा दिया और उसकी टंकी से पेट्रोल निकालकर बाइक में आग लगा दी। देखते ही देखते दर्जन भर से अधिक बाइक और साइकल धू-धूकर जलने लगी।