कई विषयों वाले कोर्स और सिलेबस होंगे तैयार
यह केंद्र पर्यटन शिक्षा और अनुसंधान के उत्कृष्टता केंद्र के रूप में विकसित होगा। इसके तहत कई विषयों वाले कोर्स और सिलेबस तैयार किए जाएंगे। राष्ट्रीय-अंतरराष्ट्रीय विश्वविद्यालयों से सहयोग मिलेगा। उद्योगों और सरकारी संस्थाओं के साथ साझेदारी बढ़ेगी। कला संकाय प्रमुख प्रो. सुषमा घिल्डियाल ने बताया कि पर्यटन प्रबंध के सभी कोर्स अब इस केंद्र से संचालित होंगे। केंद्र में पांच स्थायी प्रोफेसर हैं और दो खाली पदों पर नियुक्तियां भी होंगी।
मंदिर अर्थव्यवस्था और तीर्थयात्रा पर रिसर्च होगा
बीएचयू का यह केंद्र तीर्थयात्रा, धार्मिक विरासत और मंदिर अर्थव्यवस्था जैसे विषयों पर अनुसंधान करेगा। राज्य सरकारों और अंतरराष्ट्रीय संस्थाओं के सहयोग से नीति-आधारित अनुसंधान करेगा। केंद्र के शिक्षकों ने स्वयं पोर्टल पर ऑनलाइन कोर्स विकसित किए हैं। यह यूरोपीय संघ की ओर से वित्तपोषित प्रतिष्ठित इरास्मस+ प्रोजेक्ट सेक्रेड ट्रैवल एंड रिलीजियस टूरिज्म का संचालन कर रहा है। इस परियोजना से यूरोप और एशिया के विश्वविद्यालयों के साथ संयुक्त अनुसंधान और छात्र-शिक्षक आदान-प्रदान को बढ़ावा मिल रहा है।