बीएचयू के स्वतंत्रता भवन में आयोजित आयुर्वेद विद्यापीठ के दीक्षांत समारोह में
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आयुष मंत्रालय के सचिव पद्मश्री वैद्य राजेश कोटेचा ने विद्यार्थियों को अनुसंधान और शोधपत्र लेखन के लिए प्रेरित किया। प्रमाण आधारित अनुसंधान आयुष प्रणालियों की विश्वसनीयता और वैश्विक स्वीकार्यता को मजबूत बनाने के लिए आवश्यक है। बीएचयू कुलपति प्रो. अजित कुमार चतुर्वेदी ने विद्यार्थियों को अध्ययन में एकाग्रता बनाए रखने, आयुष प्रणाली को आगे बढ़ाने में योगदान देने को कहा। राष्ट्रीय आयुर्वेद विद्यापीठ के शासी निकाय के अध्यक्ष पद्मश्री वैद्य देवेंद्र त्रिगुणा ने विद्यापीठ की स्थापना का उद्देश्य बताया।
स्वागत निदेशक डॉ. वंदना सिरोहा ने किया। कार्यक्रम में आईएमएस बीएचयू निदेशक प्रो.एसएन संखवार, आईआईटी बीएचयू के निदेशक प्रो. अमित कुमार पात्रा, राष्ट्रीय भारतीय चिकित्सा पद्धति आयोग के अध्यक्ष डॉ. मनीषा उपेंद्र कोठेकर मौजूद रहे।
तीन को लाइफ टाइम अचीवमेंट अवॉर्ड, 13 विद्वान भी सम्मानित
दीक्षांत समारोह के दौरान तीन विद्वानों को आयुर्वेद के क्षेत्र में उत्कृष्ट योगदान के लिए लाइफ टाइम अचीवमेंट अवाॅर्ड दिया गया। इसमें वैद्य निर्मला शर्मा, केवल कृष्ण ठाकराल, गिरधारी लाल मिश्रा का नाम शामिल है। इसके अलावा बीएचयू आयुर्वेद संकाय प्रमुख प्रो. पीके गोस्वामी, वैद्य योगेंद्र कुमार शर्मा, वैद्य दिनेश चंद्र काटोच, वैद्य तनुजा मनोज नेसरी, वैद्य भृगुपति पांडेय, वैद्य मुरलीधर शर्मा, वैद्य बी. श्रीनिवास प्रसाद, वैद्य उमेश शुक्ला, वैद्य मिलिंद कुलकर्णी, वैद्य एम. मोहन अल्वा, वैद्य पीएलटी गिरिजा, वैद्य रमा जयसुंदर और वैद्य वैधनव प्रदीप यू को भी सम्मानित किया गया।