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BHU: आयुर्वेद विद्यापीठ के दीक्षांत समारोह में 235 विद्यार्थियों को मिली उपाधियां, 13 विद्वान हुए सम्मानित

Wed, 11 Mar 2026 09:23 PM IST
Pragati Chand अमर उजाला नेटवर्क, वाराणसी।

सार

Varanasi News: बीएचयू के स्वतंत्रता भवन में आयोजित आयुर्वेद विद्यापीठ के दीक्षांत समारोह में 235 विद्यार्थियों को उपाधियां मिली। कार्यक्रम के दौरान कुलपति ने कहा कि आयुष प्रणाली को आगे बढ़ाने में विद्यार्थी योगदान दें। 
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बीएचयू के स्वतंत्रता भवन में आयोजित आयुर्वेद विद्यापीठ के दीक्षांत समारोह में शामिल अतिथि। - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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बीएचयू के स्वतंत्रता भवन में आयोजित राष्ट्रीय आयुर्वेद विद्यापीठ के 29वें दीक्षांत समारोह में 235 विद्यार्थियों को उपाधियां दी गईं। साथ ही बीएचयू के आयुर्वेद संकाय प्रमुख प्रो. पीके गोस्वामी समेत 13 विद्वानों को सम्मानित किया गया। तीन लोगों को लाइफ टाइम अचीवमेंट अवॉर्ड दिया गया। बतौर मुख्य अतिथि केंद्रीय आयुष राज्यमंत्री(स्वतंत्र प्रभार) प्रतापराव जाधव ने ऑनलाइन संबोधन में कहा कि आयुर्वेद केवल चिकित्सा पद्धति नहीं बल्कि समग्र स्वास्थ्य और जीवन का ज्ञान प्रदान करने वाली व्यापक जीवन प्रणाली है।

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आयुर्वेद विद्यापीठ के समारोह में बीएचयू आयुर्वेद संकाय के शिक्षकों के साथ ही देश के विभिन्न आयुर्वेदिक संस्थानों के विशेषज्ञों ने प्रतिभाग किया। आयुष राज्यमंत्री प्रतापराव जाधव ने कहा कि भगवान शिव की नगरी काशी, अष्टांग आयुर्वेद में शल्य चिकित्सा की उद्गमस्थली मानी जाती है। आज योग और आयुष भारत की वैश्विक पहचान का महत्वपूर्ण हिस्सा बन चुका है। 

समारोह में उपाधि पाने वाले विद्यार्थियों को जाधव ने कहा कि यह अवसर केवल शैक्षणिक उपलब्धि का नहीं बल्कि नई जिम्मेदारी के साथ सेवा के मार्ग पर आगे बढ़ने का भी है। उन्होंने विद्यार्थियों से आह्वान किया कि वे पारंपरिक ज्ञान और आधुनिक वैज्ञानिक अनुसंधान का समन्वय कर आयुर्वेद को प्रमाण आधारित चिकित्सा प्रणाली के रूप में स्थापित करने में योगदान दें। कहा कि राष्ट्रीय आयुर्वेद विद्यापीठ के सीआरएवी और एमआरएवी जैसे कार्यक्रमों से युवा चिकित्सकों को अनुभवी वैद्यों से प्रशिक्षण लेने का अवसर मिल रहा है।

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बीएचयू के स्वतंत्रता भवन में आयोजित आयुर्वेद विद्यापीठ के दीक्षांत समारोह में - फोटो : अमर उजाला
आयुष मंत्रालय के सचिव पद्मश्री वैद्य राजेश कोटेचा ने विद्यार्थियों को अनुसंधान और शोधपत्र लेखन के लिए प्रेरित किया। प्रमाण आधारित अनुसंधान आयुष प्रणालियों की विश्वसनीयता और वैश्विक स्वीकार्यता को मजबूत बनाने के लिए आवश्यक है। बीएचयू कुलपति प्रो. अजित कुमार चतुर्वेदी ने विद्यार्थियों को अध्ययन में एकाग्रता बनाए रखने, आयुष प्रणाली को आगे बढ़ाने में योगदान देने को कहा। राष्ट्रीय आयुर्वेद विद्यापीठ के शासी निकाय के अध्यक्ष पद्मश्री वैद्य देवेंद्र त्रिगुणा ने विद्यापीठ की स्थापना का उद्देश्य बताया। 

स्वागत निदेशक डॉ. वंदना सिरोहा ने किया। कार्यक्रम में आईएमएस बीएचयू निदेशक प्रो.एसएन संखवार, आईआईटी बीएचयू के निदेशक प्रो. अमित कुमार पात्रा, राष्ट्रीय भारतीय चिकित्सा पद्धति आयोग के अध्यक्ष डॉ. मनीषा उपेंद्र कोठेकर मौजूद रहे।
 
तीन को लाइफ टाइम अचीवमेंट अवॉर्ड, 13 विद्वान भी सम्मानित
दीक्षांत समारोह के दौरान तीन विद्वानों को आयुर्वेद के क्षेत्र में उत्कृष्ट योगदान के लिए लाइफ टाइम अचीवमेंट अवाॅर्ड दिया गया। इसमें वैद्य निर्मला शर्मा, केवल कृष्ण ठाकराल, गिरधारी लाल मिश्रा का नाम शामिल है। इसके अलावा बीएचयू आयुर्वेद संकाय प्रमुख प्रो. पीके गोस्वामी, वैद्य योगेंद्र कुमार शर्मा, वैद्य दिनेश चंद्र काटोच, वैद्य तनुजा मनोज नेसरी, वैद्य भृगुपति पांडेय, वैद्य मुरलीधर शर्मा, वैद्य बी. श्रीनिवास प्रसाद, वैद्य उमेश शुक्ला, वैद्य मिलिंद कुलकर्णी, वैद्य एम. मोहन अल्वा, वैद्य पीएलटी गिरिजा, वैद्य रमा जयसुंदर और वैद्य वैधनव प्रदीप यू को भी सम्मानित किया गया।
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