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BHU: कला, विज्ञान, कृषि, पेंटिंग, कर्मकांड 75% विदेशियों के पसंदीदा कोर्स हैं; 12 संकायों में कुल 928 विदेशी

Sun, 08 Mar 2026 12:59 PM IST
Aman Vishwakarma अमर उजाला नेटवर्क, वाराणसी।

सार

Varanasi News: बीएचयू की इंन्फॉर्मेशन बुलेटिन के अनुसार इन विदेशी विद्यार्थियों में दक्षिणी एशिया से नेपाल, भूटान, बांग्लादेश, श्रीलंका के अलावा अमेरिका, खाड़ी देशों, दक्षिण पूर्वी एशिया की संख्या ज्यादा है। 
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BHU - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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विदेशियों को बीएचयू में विज्ञान, कला, संगीत, बाजार, कृषि, धर्म विज्ञान और कर्मकांड की पढ़ाई खूब भा रही है। 75 फीसदी छात्र इन्हीं कोर्स में दाखिला ले रहे हैं। बीएचयू में कुल 12 संकाय में 928 अंतरराष्ट्रीय छात्र पढ़ाई कर रहे हैं। इसमें से सिर्फ छह विषयों में 800 से ज्यादा विदेशी छात्र हैं। 210 से ज्यादा छात्र सिर्फ विज्ञान संस्थान से ही स्नातक और परा स्नातक कोर्स में पढ़ाई कर रहे हैं।

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अब इसके बाद कला के 160 से ज्यादा, कॉमर्स और कृषि विज्ञान में 150 से ज्यादा विदेशी छात्र जुड़े हैं। वहीं, 120 से ज्यादा को सामाजिक विज्ञान के विषयों की पढ़ाई पसंद आ रही है। जबकि दृश्य कला यानी कि पेंटिंग कलाकृतियों में 60 से ज्यादा विदेशी छात्रों ने रूचि दिखाई है। धर्म विज्ञान और कर्मकांड के भी कोर्स में विदेशियों में 20 विदेशियों ने प्रवेश लिया है।

बांग्लादेश से 369 और नेपाल से 344 छात्र : सबसे ज्यादा बांग्लादेश से 369 और नेपाल से 344 छात्र-छात्रा पढ़ाई कर रहे हैं। वहीं, दक्षिणी पूर्वी एशिया से 74, श्रीलंका से 41, खाड़ी के 25, तिब्बत और अफ्रीका के 15-15 छात्र हैं। इनके अलावा यूरोप के इंग्लैंड, इटली, जमर्नी आदि से 7, दक्षिण कोरिया और उत्तरी अमेरिका से 6-6 छात्र पढ़ाई कर रहे हैं।

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बीएचयू में विषय वार विदेशी छात्रों की संख्या 
  • विज्ञान संकाय - 210 से ज्यादा
  • कला संकाय - 170 से ज्यादा
  • वाणिज्य संकाय -150 से ज्यादा
  • कृषि विज्ञान संकाय - 150
  • सामाजिक विज्ञान संकाय - 120 से ज्यादा
  • सगीत एवं मंच कला संकाय - करीब 35
  • विधि संकाय - 35 से ज्यादा
  • संस्कृत विद्या धर्म विज्ञान संकाय - 15-20
  • मैनेजमेंट स्टडीज -15-20
  • आईईएसडी, शिक्षा संकाय और आयुर्वेद - 10
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विविध पृष्ठभूमि के छात्र भी बीसीए-एमसीए प्रोग्राम की पढ़ाई कर सकेंगे
आगामी शैक्षणिक सत्र 2026-27 में अब बीसीए-एमसीए इंटीग्रेटेड डिग्री प्रोग्राम में विविध पृष्ठभूमि के छात्र-छात्राएं भी पढ़ाई कर सकेंगे। अखिल भारतीय तकनीकी शिक्षा परिषद (एआईसीटीई) ने पांच वर्षीय इंटीग्रेटेड बीसीए-एमसीए और बीसीए-एमसीए डयूल डिग्री प्रोग्राम में दाखिले के लिए नियमों में बदलाव किया है। 

इन डिग्री प्रोग्राम में अब विविध पृष्ठभूमि यानी अन्य विषयों में पढ़ाई करने वाले विद्यार्थी भी दाखिला ले सकते हैं। मगर, उन्हें दाखिले के बाद ब्रिज कोर्स करना जरूरी होगा। एआईसीटीई के वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि नये शैक्षणिक सत्र में पांच वर्षीय इंटीग्रेटेड बीसीए-एमसीए और बीसीए-एमसीए डयूल डिग्री प्रोग्राम में दाखिला नए नियमों के तहत मिलेगा। 
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