बीएचयू कैंपस में जाती छात्राएं
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बीएचयू और जापान के टोयो विवि के बीच व्याख्यान माला और रिसर्च राउंड टेबल का आयोजन हुआ। शुक्रवार को जापान के टोयो विश्वविद्यालय, हाकुसान परिसर में यह कार्यक्रम हाइब्रिड मोड में किया गया। इसमें बीएचयू के भी छात्र और छात्रा ऑनलाइन जुड़े थे। टोयो विश्वविद्यालय के प्रो. केनजी ताकाहाशी ने कहा कि दोनों देशों की पांडुलिपियों के अध्ययन और के साथ भारतीय दर्शनों पर शोध बढ़ाने के लिए ये बैठक हुई है।
इसमें आए ऑक्सफोर्ड विश्वविद्यालय के प्रो. दिवाकर आचार्य ने सनत्कुमार से जुड़े ग्रंथों और पांडुलिपियों के अध्ययन पर अपना रिसर्च प्रस्तुत किया। उन्होंने कहा कि जितने भी भारतीय दर्शन हैं उनकी प्रासंगिकता काफी ज्यादा है।
टोयो- बीएचयू रिसर्च राउंड टेबल में पालि विभाग और टोयो के छात्रों ने अपने शोध और विचारों को बीएचयू के साथ साझा किया। दोनों विश्वविद्यालय के विद्यार्थियों ने ओरिएंटल स्टडीज से जुड़े कई विषयों पर शोध प्रस्तुत किए।
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इनमें अमी मात्सुकुरा ने संस्कृत साहित्य में नरक की अवधारणा, सकुराको योशिदा ने हरिवंश अध्ययन में कृष्ण की छवि, देचेन चुशकित ने भारतीय हिमालय में बौद्ध धर्म की परंपराओं, त्सेवांग लामो ने योगाचार और प्रासंगिक दर्शन, नोरियुकी टोयोओका ने ‘प्रारंभिक तांत्रिक बौद्ध धर्म में वज्रपाणि’ और टोवा नाकामुरा ने ‘प्रारंभिक वेदांत में उपासना’ की बात कही। पाली विभागाध्यक्ष डॉ. अरुण कुमार यादव ने कहा कि इस सत्र का उद्देश्य छात्रों के बीच संवाद को बढ़ावा देना तथा एक-दूसरे से ज्ञान को साझा करना था।