हिंद महासागर की दुनिया के साहित्यिक और सांस्कृतिक इतिहास की थीम पर बीएचयू के प्रोफेसरों ने कहा कि इस अंतरराष्ट्रीय सहयोग ने मल्टी-डिसिप्लिनरी शोध को बढ़ावा दिया है। यानी कि अलग- अलग विषयों को लेकर दुनिया भर के लोग शोध के लिए एक साथ आएंगे। बीएचयू की ओर से भारतीय सभ्यता के सुदूर-पूर्वी प्रभाव पर आगे बढ़ाने के लिए एक मंच भी बनकर तैयार हो गया है।
बीएचयू से प्रो. प्रदोष मिश्र, प्रो. श्रद्धा सिंह, प्रो. ताबीर कलाम, डॉ. मोशर्रफ अली, डॉ. कनुप्रिया, डॉ. अब्दुस सामी और डॉ. चांदनी कुमारी ने शोध प्रस्तुत किया। पद्मश्री से सम्मानित जापानी प्रोफेसर टोमियो मिजोकामी भी रहे। इससे अंतरराष्ट्रीय विश्वविद्यालयों के बीच सहयोग बढ़ेगा। आयोजन की जिम्मेदारी डॉ. चांदनी और ओसाका विवि के प्रोफेसर ताकाशी मियामोतो को दी गई थी।