सड़क जाम कर की नारेबाजी, सुरक्षाकर्मियों से बहस
कथित मारपीट से नाराज छात्र राजाराम छात्रावास के बाहर सड़क पर बैठ गए और जाम लगाकर विरोध प्रदर्शन करने लगे। इस दौरान उन्होंने नारेबाजी कर आरोपितों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की। सड़क पर प्रदर्शन के कारण मौके पर हलचल रही।
सूचना मिलने पर विश्वविद्यालय के सुरक्षाकर्मी मौके पर पहुंचे। उन्होंने छात्रों से सड़क खाली करने और आवागमन बाधित नहीं करने की अपील की। इस दौरान प्रदर्शनकारी छात्रों और सुरक्षाकर्मियों के बीच बहस भी हुई। इसके बाद पुलिस प्रशासन और प्राक्टोरियल बोर्ड की टीम ने मौके पर पहुंचकर छात्रों से बातचीत की और उनकी मांगें सुनीं।
सीसीटीवी फुटेज की जांच और एफआईआर की मांग
प्रदर्शन कर रहे छात्रों की प्रमुख मांग है कि बिड़ला मैदान में लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगालकर मारपीट करने वालों की पहचान की जाए। उन्होंने विश्वविद्यालय प्रशासन से आरोपितों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराने की मांग भी की।
छात्रों का आरोप है कि विश्वविद्यालय परिसर में इस तरह की घटनाएं सामने आती रहती हैं, लेकिन उनके अनुसार प्राक्टोरियल बोर्ड की ओर से प्रभावी कार्रवाई नहीं की जाती। उन्होंने परिसर में बाहरी व्यक्तियों की आवाजाही पर भी चिंता जताई। छात्रों का कहना है कि बाहरी लोगों के प्रवेश पर प्रभावी नियंत्रण नहीं होने से इस तरह की घटनाओं की आशंका बनी रहती है।
छात्रों को समझाने पहुंचे शिक्षक
सड़क जाम कर प्रदर्शन कर रहे छात्रों से बातचीत करने के लिए विश्वविद्यालय प्रशासन के कई शिक्षक भी मौके पर पहुंचे। पुलिस और प्राक्टोरियल बोर्ड की टीम ने छात्रों को समझाने तथा स्थिति सामान्य करने का प्रयास किया। छात्र अपनी मांगों पर अड़े रहे और आरोपितों की पहचान कर कार्रवाई करने की मांग उठाते रहे। फिलहाल, मामले में आरोपों की आधिकारिक पुष्टि और विश्वविद्यालय प्रशासन की ओर से कार्रवाई के संबंध में जानकारी सामने आना बाकी है।