कोरोना काल के कारण इसे लागू नहीं किया गया। प्रस्तावित फीस में हॉस्टल किराया, हॉस्टल सुविधा, इस्टैब्लिशमेंट चार्ज में 10 प्रतिशत की बढ़ोतरी को लागू किया जा रहा है। जो भी बढ़ोतरी प्रभावी हो रही है वह सत्र 2022-23 में प्रवेश लेने वाले अभ्यर्थियों के लिए है।
वर्तमान विद्यार्थियों पर इस आंशिक बढ़ोतरी का कोई प्रभाव नहीं पड़ेगा। ऐसे में छात्रों के धरना-प्रदर्शन आदि से पठन-पाठन प्रभावित हो रहा है। केवल छात्रावास का किराया छात्रावास सुविधा एस्टेब्लिशमेंट्स आदी में 10% वार्षिक की बढ़ोतरी की गई है।
भगत सिंह छात्र मोर्चा ने घेरा केंद्रीय कार्यालय
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बीएचयू में फीस वृद्धि के विरोध में छात्रों का आंदोलन तेज होता जा रहा है। शुक्रवार को जहां भगत सिंह छात्र मोर्चा ने केंद्रीय कार्यालय का घेराव किया वहीं एनएसयूआई ने विश्वनाथ मंदिर सहित अन्य जगहों पर हस्ताक्षर अभियान चलाकर विश्वविद्यालय प्रशासन से फीस वृद्धि वापसी की मांग की।
भगत सिंह छात्र मोर्चा के बैनर तले विद्यार्थियों ने विश्वनाथ मंदिर से केंद्रीय कार्यालय तक छात्रों ने मार्च निकाला। इस दौरान केंद्रीय कार्यालय का घेराव कर विश्वविद्यालय प्रशासन के विरोध में नारेबाजी भी की। छात्रों ने बताया कि बीएचयू में शिक्षण, छात्रावास के शुल्क में 50 से 100 प्रतिशत तक की वृद्धि की गई है। इसके लिए बीएचयू प्रशासन जिम्मेदार है।
हस्ताक्षर अभियान चलाकर फीस वृद्धि का विरोध
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उधर एनएसयूआई की ओर से बीएचयू विश्वनाथ मंदिर चौराहे से हस्ताक्षर अभियान चलाकर फीस वृद्धि का फैसला वापस लेने की मांग की गई। कार्यक्रम में विकास सिंह, मारुति मानव, राजी नयन सिंह आदि लोग मौजूद रहे।