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बीएचयू: सुरक्षा पर साल में 9.6 करोड़ खर्च, 700 सुरक्षाकर्मी, फिर भी एक साल में 300 चोरी, 15 छेड़खानी के मामले

Wed, 30 Jul 2025 01:08 PM IST
प्रगति चंद अमर उजाला नेटवर्क, वाराणसी।

सार

Varanasi News: बीएचयू में आठ वाहनों से पेट्रोलिंग होती है। 30 से ज्यादा प्रॉक्टोरियल बोर्ड के सदस्य हैं। चार मोटर साइकिल सुरक्षा दस्ता है। फिर भी चोरी और छेड़खानी की घटनाएं बढ़ रही हैं। 
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BHU - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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बीएचयू कैंपस में चाक चौबंद सुरक्षा कागजों पर भले ही हो लेकिन हकीकत में कभी छात्रों के बीच मारपीट होती है तो कभी डॉक्टर, पैरामेडिकल स्टाफ पीटे जाते हैं। अब कला संकाय के प्रोफेसर पिटाई हुई है। इससे सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े हो रहे हैं।

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ऐसी स्थिति तब है जब बीएचयू कैंपस की सुरक्षा पर सालाना 9.60 करोड़ रुपये खर्च होते हैं। 700 सुरक्षा कर्मी हैं। 80 किलोमीटर रेंज वाला वायरलेस सेट है। पेट्रोलिंग के लिए आठ छोटे-बड़े वाहन, एक व्रज वाहन, चीफ प्रॉक्टर और उनके साथ की 30 से ज्यादा की प्रॉक्टोरियल बोर्ड की टीम है फिर भी सेंधमारी लगातार जारी है। शिक्षकों के मुताबिक, 2024 से 2025 के बीच बीएचयू परिसर में 300 से ज्यादा बार चोरी हो चुकी है। 15 से ज्यादा छेड़खानी और 100 से ज्यादा मारपीट के मामले सामने आए हैं।

विश्वविद्यालय परिसर की सुरक्षा को अभेद्द रखने की दिशा में बड़े कदम उठाए जाने के दावे उस समय किए गए थे जब आईआईटी बीएचयू में छात्रा के साथ दुष्कर्म हुआ था। सीआईएसएफ की एक टीम ने 15 दिन तक सुरक्षा मानकों का अध्ययन किया था। अब तक दावा हवाई साबित हुआ है।

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शिक्षक बोले- नहीं काम करता सीसीटीवी कैमरा

धरना देने वाले शिक्षकों ने भी विवि की सुरक्षा पर कई सवाल खड़े किए। कहा कि परिसर में सिर्फ 26-30 सीसीटीवी कैमरे ही लगे हैं। कैमरे महिला महाविद्यालय, एलडी गेस्ट हाउस, सेंट्रल ऑफिस, विश्वनाथ मंदिर, सिंह द्वार सहित सभी छह द्वार पर हैं। विधि संकाय से एंफिथियेटर मार्ग पर एक भी सक्रिय सीसीटीवी कैमरा नहीं है। आईआईटी बीएचयू में 520 सीसीटीवी कैमरे लगे हैं। सभी डिप्टी चीफ प्रॉक्टर और प्रॉक्टर को सीयूजी नंबर दिए गए हैं। एक अधिकारी ने बताया कि कई बार तो सुरक्षा का राउंड होता ही नहीं है।

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प्रो. मूर्ति का आज होगा ऑपरेशन
घायल प्रोफेसर का इलाज ट्रॉमा सेंटर के प्राइवेट वार्ड में चल रहा है। बुधवार को ऑपरेशन की तैयारी की गई है। डॉक्टरों की टीम उनकी देखरेख कर रही है। दोनों हाथों में फ्रैक्चर होने की वजह से बिस्तर पर ही लेटे पड़े हैं। इस दौरान उनके परिजनों के साथ ही कई छात्र और शोधार्थी भी मौजूद थे।
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