चयनित अभ्यर्थियों को बीएचयू के सेंट्रल डिस्कवरी सेंटर में मौजूद आइसोटोप अनुपात द्रव्यमान स्पेक्ट्रोमेट्री, लेजर स्कैनिंग सुपर-रिजॉल्यूशन माइक्रोस्कोप सिस्टम समेत सैकड़ों हाईटेक मशीनों और उपकरणों की मदद से रिसर्च करने का मौका मिलेगा।
इसके अलावा प्रोफेसर के लैब में पीएचडी स्कॉलर्स और यूजी-पीजी छात्र-छात्राओं को भी गाइड करेंगे। आरजेपी-पीडीएफ फेलो की अवधि एक साल तक होगी। योग्यता के तौर प्रतिष्ठित जर्नल (क्यू1 या क्यू2 जर्नल या स्कोप्स वेब ऑफ साइंस सूचीबद्ध जर्नल) में कम से कम दो शोधपत्र प्रकाशित हों।
इन विभागों से जुड़कर शोध करेंगे मेधावी
सबसे ज्यादा पांच शोधार्थियों की भर्ती जंतु विज्ञान विभाग में होगी। इसके बाद रसायन विज्ञान विभाग में चार, न्यूरोलॉजी में तीन, भू भौतिकी, भू विज्ञान और भौतिक विज्ञान में दो शोधार्थियों को नियुक्त किया जाएगा।
इसके अलावा शरीर रचना विभाग, शस्य विज्ञान विभाग, मेन कैंपस और एमएमवी में वनस्पति विज्ञान विभाग, बायो केमेस्ट्री, सेंटर ऑफ जेनेटिक डिसऑर्डर, एक्सपेरिमेंटल मेडिसिन सर्जरी, कंप्यूटर साइंस, सामाजिक समावेशी केंद्र, अर्थशास्त्र, गैसेंट्रोलॉजी, मॉलिक्यूलर बायोलॉजी एंड ह्यूमन जेनेटिक्स, मेडिसिनिल केमेस्ट्री और जेनेटिक्स एंड प्लांट ब्रीडिंग में एक-एक पोस्ट पर वैकेंसी आई है।
निर्धारित प्रारूप में करना होगा आवेदन
आवेदन के लिए बीएचयू ने अपने वेबसाइट पर एक निर्धारित प्रारूप भी अपलोड किया है। इसी के अनुसार मांगी गई जानकारियों को भरकर प्रायोजित अनुसंधान एवं औद्योगिक परामर्श प्रकोष्ठ के प्रभारी प्रोफेसर डीएस पांडेय को 20 अगस्त तक भेजना होगा।