होटल के कमरे में मृत मिली थीं आकांक्षा
- फोटो : अमर उजाला
आकांक्षा दुबे की मौत आत्महत्या या हत्या के बीच उलझी हुई एक पहेली बन चुकी है। 26 मार्च को आकांक्षा का शव सारनाथ स्थित होटल के कमरे में मिला था। बेड पर शव बैठने की स्थिति में था और उनके गले में दुपट्टे का फंदा था। समर सिंह फरार क्यों था। क्या वो आकांक्षा दुबे को प्रताड़ित करता था। अंतिम फोन कॉल में आकांक्षा से उसकी क्या बातें हुईं थीं।
चार्म्स क्रिस्टल सोसाइटी की फ्लैट में समर सिंह छुपा हुआ था।
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ऐसे कई सवाल हैं जिनके जवाब समर सिंह को देना होगा। आकांक्षा दुबे की लाश मिलने के बाद से ही यह माना जा रहा था कि ये खुदकुशी है। लेकिन कहानी उस वक्त पलट गई, जब पोस्टमार्टम रिपोर्ट सामने आई। पुलिस ने अपने बयान में कहा था कि मौत से पहले आकांक्षा ने शराब पी थी। लेकिन पोस्टमार्टम रिपोर्ट में इसका जिक्र ही नहीं था। पोस्टमार्टम रिपोर्ट के मुताबिक, आकांक्षा का पेट खाली था। 20 एमएल का कोई भूरे रंग का तरल पदार्थ पेट में पाया गया था।
आकांक्षा मूल रूप से भदोही के चौरी बाजार क्षेत्र के बरदहां गांव की रहने वाली थीं। ननिहाल मिर्जापुर के विंध्याचल में है। जानकारी के मुताबिक, बरदहां निवासी छोटेलाल दुबे परिवार के साथ एक अरसे से मुंबई में रह कर व्यवसाय करते हैं। छोटेलाल दुबे के तीन बच्चों में दूसरे नंबर की आकांक्षा ने मॉडलिंग से भोजपुरी म्यूजिक और फिल्म इंडस्ट्री में प्रवेश किया था। भोजपुरी फिल्म लायक हूं मैं नालायक नहीं की शूटिंग के लिए वह बीते 23 मार्च को वाराणसी आई थीं।
फिल्म के हीरो, निर्देशक सहित 16 लोगों की टीम के साथ वह सारनाथ क्षेत्र के बुद्धा सिटी कॉलोनी स्थित एक होटल में ठहरी हुई थीं शनिवार की रात वह बर्थडे पार्टी में जाने की बात कह कर कैब से होटल से निकली थीं। रात 1:55 बजे के लगभग एक युवक आकांक्षा को उनके कमरे में छोड़ने गया था। रविवार सुबह आकांक्षा का दरवाजा नहीं खुला। होटल स्टाफ ने मास्टर चाबी के सहारेकमरे का दरवाजा खोला तो आकांक्षा दुबे मृत मिलीं। सोमवार को आकांक्षा की मां ने समर सिंह और संजय सिंह के खिलाफ तहरीर दी। सारनाथ थाने की पुलिस ने भोजपुरी गायक समर सिंह और संजय सिंह के खिलाफ आत्महत्या के लिए उकसाने में मुकदमा दर्ज किया।