वाराणसी। शारदीय नवरात्र के प्रथम दिवस पर काशी की सड़कों पर आस्था और संन्यास परंपरा का अलौकिक दृश्य देखने को मिला। सिगरा स्थित भारत सेवाश्रम संघ के शताब्दी वर्ष समारोह के उपलक्ष्य में रविवार को विशाल शोभायात्रा निकाली गई। ढोल-नगाड़ों की थाप, गूंजते शंखनाद और वैदिक ऋचाओं के बीच संन्यासियों, ब्रह्मचारियों व भक्तों का कारवां धर्म ध्वजा थामे आगे बढ़ा।
इसमें आगे मां दुर्गा की प्रतिमा, पीछे घोड़े पर बैठे साधु-संत शस्त्र प्रदर्शन करते हुए और उनके पीछे 51 शक्ति स्वरूपा कन्याएं चल रही थीं। माता रानी की नयनाभिराम झांकी के साथ निकली यह शोभायात्रा सिगरा आश्रम से प्रारंभ होकर रथयात्रा, कमच्छा, भेलूपुर, सोनारपुरा, पांडेय हवेली, जंगमबाड़ी, गोदौलिया, लक्सा व गुरुबाग होते हुए पुनः आश्रम परिसर पहुंची। लगभग पांच किलोमीटर लंबे इस यात्रा मार्ग पर स्थानीय नागरिकों और दुकानदारों ने पुष्प वर्षा कर संतों व श्रद्धालुओं का अभिनंदन किया।