ड्रोन कैमरों के माध्यम से पूरे कार्यक्रम स्थल व आसपास के क्षेत्रों का सर्वेक्षण कर संभावित भीड़भाड़ वाले स्थानों और कमजोर बिंदुओं की पहचान की जाए। ड्रोन से मिली जानकारी को कंट्रोल रूम में रीयल टाइम मॉनीटरिंग के लिए उपयोग में लाया जाए। सीसी कैमरों की मदद से निगरानी की जाए और कंट्रोल रूम से सीधी मॉनीटरिंग हो।
अपर पुलिस आयुक्त ने एडीसीपी यातायात से कहा कि श्रद्धालुओं के आगमन-प्रस्थान के लिए सभी मार्गों को अतिक्रमण मुक्त कराया जाए। विशेष डायवर्जन योजना लागू की जाए और इसकी सूचना नागरिकों को पहले दी जाए। भीड़ नियंत्रण के लिए प्रवेश व निकास मार्ग अलग-अलग रखे जाएं। भीड़ प्रबंधन के लिए एनसीसी, स्काउट-गाइड व स्वयंसेवक दल की सहायता लें। श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए खोया-पाया केंद्र और पब्लिक एड्रेस सिस्टम सक्रिय रखा जाए।