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Varanasi: राहुल गांधी ने बोले- बेरोजगारी आज देश का सबसे बड़ा मुद्दा, बाबा विश्वनाथ का लिया आशीर्वाद

Sat, 17 Feb 2024 02:46 PM IST
अनुज कुमार अमर उजाला नेटवर्क, वाराणसी

सार

कांग्रेस नेता राहुल गांधी की भारत जोड़ो न्याय यात्रा वाराणसी पहुंच चुकी है। जहां उन्होंने काशी विश्वनाथ मंदिर में जाकर पूजा-अर्चना की। राहुल गांधी की भारत जोड़ो न्याय यात्रा आज वाराणसी के कई रास्तों से होकर गुजरेगी। 
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राहुल गांधी - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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राहुल गांधी की भारत जोड़ो न्याय यात्रा उत्तर प्रदेश के वाराणसी में पहुंच चुकी है। आज उनकी यात्रा का यूपी में दूसरा दिन है। यात्रा को शुरू हुए 35 दिन हो चुके हैं। राहुल गांधी ने बाबा विश्वनाथ के दरबार में चौथी बार हाजिरी लगाई। गोदौलिया से रथयात्रा रूट पर पहली बार कोई कांग्रेस नेता राजनीतिक यात्रा करेगा। पं. जवाहर लाल नेहरू, इंदिरा गांधी और राजीव गांधी समेत किसी भी नेता ने बनारस में इस रूट पर कोई राजनीतिक यात्रा नहीं की है।

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राहुल गांधी बोले- देश में नफरत और डर का माहौल है
वाराणसी में अपनी न्याय यात्रा के दौरान कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने लोगों को संबोधित किया। उन्होंने कहा कि इस यात्रा के दौरान मैंने कभी नफरत नहीं देखी। यहां तक कि भाजपा और आरएसएस के लोग भी यात्रा में आए। जैसे ही हमारे पास आए। उन्होंने हमसे अच्छे से बात की। यह देश तभी मजबूत होता है। जब हम साथ मिलकर काम करते हैं। देश को एक साथ लाना ही देश के प्रति सच्ची भक्ति है। उन्होंने कहा कि इस वक्त देश में नफरत और डर का माहौल है।
 


वाराणसी में भारत जोड़ो न्याय यात्रा के दौरान राहुल गांधी ने कहा कि देशभक्ति देश को एकजुट करना है।  आज बेरोजगारी देश का सबसे बड़ा मुद्दा है।आगे कहा कि अरबपति जितना टैक्स दे रहा उतना ही एक गरीब भी दे रहा है। इसीलिए मैंने भारत जोड़ो यात्रा में न्याय शब्द जोड़ है। 
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वाराणसी से कांग्रेस का ऐसा रहा कनेक्शन
देश के पहले प्रधानमंत्री पं. जवाहर लाल नेहरू और पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी का बनारस से गहरा लगाव था। पं. नेहरू ने तो 1910 से 1950 तक बनारस की कई यात्राएं कीं। प्रधानमंत्री बनने के बाद भी उनका बनारस आना जाना लगा रहता था। वहीं इंदिरा गांधी ने भी बनारस की राजनीतिक और धार्मिक यात्राएं की थीं।

राहुल गांधी के परनाना पं. जवाहर लाल नेहरू पहली बार 1910 में अपने पिता पं. मोतीलाल नेहरू के साथ बनारस आए थे। इसके बाद 1921 में काशी विद्यापीठ के स्थापना समारोह में पहुंचे थे। इसके बाद 1942 और 1946 में वह बनारस पहुंचे थे। आजादी के बाद बतौर प्रधानमंत्री पं. नेहरू 1950 और 1952 में काशी आए थे।
 
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राहुल की दादी व पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी की 1980 के चुनाव की बनारस यात्रा ऐतिहासिक थी। प्रो. सतीश कुमार राय ने बताया कि 31 दिसंबर 1979 की शाम आठ बजे उनकी सभा निर्धारित थी। वह 14 घंटे की देरी से एक जनवरी 1980 को सुबह 10 बजे पहुंचीं। बरसात भरी सर्द बावजूद के बाद भी जनता उनके इंतजार में डटी रही।
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