सुनने में थोड़ा अटपटा लगेगा लेकिन बात सोलह आने सच है। एक-दो नहीं लगभग 40 शिक्षक चार-पांच सालों से बिना किसी सूचना के स्कूलों से लापता हैं। विभाग उन्हें महज नोटिस भेजकर कोरम पूरा कर लेता है।
मामला भदोही जिले का है जहां खंड शिक्षा अधिकारियों की कृपा से उनकी तैनाती वाले स्कूलों का पठन-पाठन रामभरोसे हो गया है। प्राथमिक और पूर्व माध्यमिक विद्यालयों में बेहतर शिक्षा व्यवस्था देने के लिए सरकार कई योजनाएं चला रही है।
शिक्षकों को भी बेहतर वेतन संग अन्य सुविधाएं दी जाती हैं, लेकिन कई शिक्षक पढ़ाने में रुचि नहीं दिखा रहे हैं। विभागीय कृपा से वह तैनाती वाले स्कूलों में चार-पांच वर्षों से लापता चल रहे हैं। इनमें ज्ञानपुर ब्लॉक से गायब होने वाले शिक्षकों की संख्या सर्वाधिक है।
गोपीगंज प्राथमिक विद्यालय की सहायक अध्यापक बिंदू, पूर्व माध्यमिक विद्यालय नंदापुर की सहायक अध्यापक ऊषा यादव, प्राथमिक विद्यालय चकवा समेत करीब12 शिक्षक लापता हैं।
इसी तरह अभोली ब्लॉक में तीन, डीघ में सात, भदोही में छह, सुरियावां में पांच और औराई में आठ शिक्षक बिना किसी सूचना के लापता हैं।