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WWE के रिंग में भदोही के लाल रिंकू सिंह ने कनेडियन जोड़ी को चंद मिनटों में किया चित 

Fri, 10 Apr 2020 04:10 PM IST
स्‍वाधीन तिवारी न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भदोही
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दर्शकों का अभिवादन स्वीकार करते रिंकू सिंह - फोटो : amar ujala
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डब्ल्यूडब्ल्यूई वर्ल्ड रेसलिंग प्रतियोगिता में भारत का प्रतिनिधित्व कर रहे भदोही जिले की ज्ञानपुर तहसील के होलपुर के रिंकू सिंह और सौरव गुर्जर की इंडस शेर टीम ने कनाडा की ईवर राइज के दो पहलवानों को पटकनी दे दी। रिंकू की जबर्दस्त फाइट देखकर जिले के लोगों की खुशी का ठिकाना नहीं है। उनके घर पर बधाई देने वालों का तांता लगा रहा। 

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कालीन नगरी के छोटे से गांव होलपुर से निकलकर सात समंदर पार अमेरिका पहुंचने वाले जिले के लाल रिंकू सिंह के पंच से विदेशी पहलवान चंद मिनटों में ही चित हो रहे हैं। बृहस्पतिवार को डब्ल्यूडब्ल्यूई की रिंग में कनेडियन पहलवानों की जोड़ी को हराकर रिंकू ने अगले दौर में प्रवेश किया। मूलरूप से भदोही जिले के होलपुर गांव निवासी रिंकू को दशक भर पहले तब पहचान मिली थी, जब उन्होंने अमेरिका में बेसबॉल खेला। उस समय देश में बेसबॉल में कम लोग ही रुचि दिखाते थे।

यह रिंकू वही हैं, जिनके जीवन पर डिज्नी ने ‘द मिलियन डॉलर आर्म’ नाम से फिल्म बनाई थी। अब फिर रिंकू सिंह देश का नाम वैश्विक स्तर पर ऊंचा कर रहे हैं। डब्ल्यूडब्ल्यूई का नाम आते ही हमारे देश के खली यानी दिलीप सिंह राणा का नाम हर भारतीय के जेहन में आ जाता है और अब रिंकू भी डब्ल्यूडब्ल्यूई में भारत की पहचान बन गए हैं।
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छह फिट तीन इंच लंबे और 102 किलोग्राम वजनी रिंकू ने दुबई में अप्रैल 2017 में डब्ल्यूडब्ल्यूई चयन प्रशिक्षण में भाग लिया था। रिंकू एक साधारण परिवार से ताल्लुक रखते हैं। रिंकू के पिता ब्रह्मदीन सिंह पेशे से एक ट्रक ड्राइवर थे और उन्होंने ड्राइविंग कर रिंकू का पालन-पोषण किया।
 

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रिंग में विरोधी को पटखनी देते रिंकू सिंह - फोटो : amar ujala
जब रिंकू बेसबॉल खेलने अमेरिका गए, तब घर की माली हालत सुधरी।  68 वर्षीय पिता ब्रह्मदीन सिंह आज भी गांव में ही रहते हैं और जब रिंकू के बारे में कोई चर्चा कर दे तो फिर जो भाव उनके चेहरे पर नजर आता है, उस गर्व और सुखानुभूति को शब्दों में बयां नहीं किया जा सकता है। रिंकू सिंह और सौरव गुर्जर की टीम का नाम है इंडस शेर। बृहस्पतिवार को उन्होंने ईवर राइज टीम की कनेडियन जोड़ी चेस पार्कर और मैट मार्टल को हराया। 

रिंकू सिंह के जीवन पर बन चुकी है फिल्म 

जूनियर राष्ट्रीय भाला प्रतियोगिता के विजेता रिंकू की राह शुरुआती दिनों में आसान नहीं थी। यही कारण है कि जब वर्ष 2008 में टेलीविजन शो ‘द मिलियन डॉलर आर्म’ में भाग लेने का मौका मिला तो रिंकू ने प्रतियोगिता को जीतकर ही दम लिया। उसके बाद तो मानो रिंकू की झोली भगवान ने छप्पर फाड़कर भर दी और उनका अमेरिका की नामी बेसबॉल टीम से करार हो गया। रिंकू के जीवन संघर्ष से प्रभावित होकर उन पर डिज्नी ने ‘द मिलियन डॉलर आर्म’ नामक फिल्म भी बनाई थी।
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