यूपी के भदोही जिले के गोपीगंज थाने के लॉकअप में ऑटो चालक रामजी मिश्र की मौत और उसके बाद उपजे व्यापक जनाक्रोश से पुलिस बैकफुट पर आ गई है। ऑटो चालक की मौत के आरोपी कोतवाली प्रभारी इंस्पेक्टर सुनील कुमार वर्मा के खिलाफ हत्या का केस दर्ज कर लिया गया है।
मृतक की बेटी रेनू मिश्रा ने लिखित तहरीर देकर पिता की हत्या का आरोप लगाया था। इधर, हत्या का मुकदमा दर्ज होने के खिलाफ में सुनील कुमार वर्मा अपने परिवार संग थाने पर धरना देने की बात कह रहे हैं। वर्मा ने पत्रकारों को वाट्सएप पर सूचना भेजकर दोपहर दो से तीन बजे के बीच धरने पर पर बैठने की सूचना दी थी लेकिन इस समय पर वो नहीं पहुंचा।
आरोपी इंस्पेक्टर द्वारा थाने पर धरना देने की खबर से एडिशनल एसपी के साथ सीओ और बड़ी संख्या में पुलिस और पीएसी के जवान जमा हो गए हैं। आपको बता दें कि बीते शुक्रवार को दोपहर एक बजे गोपीगंज कोतवाली के लॉकअप में आटो चालक रामजी मिश्र की मौत हो गई थी।
पोस्टमार्टम रिपोर्ट में हृदयगति रुकने से मौत की बात सामने आई थी। मामला बढ़ने के बाद एसपी ने कोतवाली प्रभारी सुनील वर्मा को लाइन हाजिर करते हुए एएसपी डॉ. संजय कुमार को विभागीय जांच सौंपी थी जबकि डीएम ने मजिस्ट्रेटी जांच की जिम्मेदारी एडीएम राम सिंह वर्मा को दी थी।
रविवार को एएसपी जांच करने कोतवाली पहुंचे। उन्होंने बताया कि हर बिंदु पर जांच की जाएगी। थाने के सीसीटीवी फुटेज को भी देखा जाएगा। जांच में जो दोषी होगा उस पर कार्रवाई तय होगी। इस प्रकरण में चौकी इंचार्ज गोपीगंज की भी मुश्किलें बढ़नी तय मानी जा रही हैं। वह भी उच्चाधिकारियों के रडार पर हैं।
वायरल वीडियो को देखने के बाद संज्ञान में आया मामला
अस्पताल में मौजूद पुलिस
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गोपीगंज कोतवाली के लॉकअप में आटो चालक रामजी मिश्र की मौत को लेकर अब देश और प्रदेश स्तर पर संगठनों ने सरकार पर हमला बोलना शुरू कर दिया। रविवार को सवर्ण समाज पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष पीयूष पंडित गोपीगंज पहुंचे।
उन्होंने ब्राह्मण युवजन सभा के पदाधिकारियों संग धरना दिया और बाद में पीड़ित परिवार वालों से मिले। मृतक की छोटी बेटी की शादी और पढ़ाई का पूरा खर्च उठाने का भरोसा दिया।
उन्होंने कहा कि वायरल वीडियो देखने के बाद उन्होंने मामले को संज्ञान में लिया। उन्होंने कहा कि पुलिस लॉकअप में एक गरीब आटो चालक की मौत हो गई। उसे न्याय के लिए दर-दर भटकना पड़ रहा है। उन्होंने प्रशासन पर सवाल खड़ा करते हुए कहा कि अभी तक दोषी पुलिसकर्मियों पर कार्रवाई नहीं की गई।
वह अपनी टीम के साथ एसपी कार्यालय पर प्रदर्शन कर ज्ञापन सौंपा। पीयूष पंडित ने राम जी मिश्र की पत्नी कंचन और बेटी दीपाली,रेणु और गुड्डी से बात की और उन्हें आश्वासन दिया गया कि उन्हें न्याय दिलाने के लिए संगठन पूरी तरह तैयार है।
उन्होंने पीड़ित परिवार की छोटी बेटी खुशी की शादी और पढ़ाने की जिम्मेदारी ली। सरकार से एक करोड़ मुआवजा और एक सदस्य को नौकरी दिलाने की मांग की। कहा कि सरकार जल्द मदद नहीं करेगी तो संगठन आंदोलन करेगा।
पीड़ित परिवार की मदद को उठे हाथ
बच्चों की पढ़ाई और सरकार से मदद दिलाने का भरोसा दिया
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गोपीगंज कोतवाली के लॉकअप में मृत रामजी मिश्र के पीड़ित परिवार को मदद के लिए कई लोग सामने आए। रविवार को ज्ञानपुर विधायक विजय मिश्र उनके घर पहुंचे। उन्होंने अनाथ बेटे-बेटियों पढ़ाई का जिम्मा उठाने का भरोसा दिलाते हुए मदद के नाम पर साढ़े चार लाख रुपये का चेक सौंपा।
ज्ञानपुर विधायक सुबह 10 बजे मृतक के घर पहुंचे और पीड़ित परिवार को सांत्वना दी। मृतक की तीनों बेटियों और एक बेटे को एक-एक लाख रुपये सहायता राशि और पत्नी को 50 हजार का चेक दिया। उन्होंने कहा कि सभी बच्चों की पढ़ाई की जिम्मेदारी वह खुद लेंगे। कहा कि अगर जिंदा रहा तो उनकी शादी भी करूंगा।
राष्ट्रीय ब्राह्मण युवजन सभा के पदाधिकारियों ने थाने का घेराव करते हुए धरना प्रदर्शन किया। ज्ञानपुर विधायक के समझाने पर नाराज लोग शांत हुए। पदाधिकारियों ने एसडीएम को पांच सूत्रीय मांगो का ज्ञापन सौंपा।