मुठभेड़ में मारा गया बदमाश।
- फोटो : अमर उजाला।
बाल सुधार गृह में रखे जाते ही दीपक वहां के कर्मचारियों को चकमा देकर भाग निकला। पुलिस के अनुसार दीपक के फरार होने के लिए ही उसे बाल सुधार गृह में रखने की कवायद की गई थी। दीपक के खिलाफ वाराणसी में चार मुकदमे दर्ज हैं।
2010 में लूट का एक मुकदमा जीआरपी कैंट थाने में, 2010 में एनडीपीएस एक्ट के तहत एक मुकदमा कैंट थाने में और 2010 में ही गैंगेस्टर एक्ट के तहत एक मुकदमा कैंट थाने में दर्ज किया गया था। इसके अलावा बाल सुधार गृह से भागने के आरोप में 2014 में एक मुकदमा रामनगर थाने में दर्ज किया गया था।