वाराणसी में लगातार तीसरे साल काशी में भादो (भाद्रपद) के दूसरे दिन का स्वागत गरजते मेघों, कड़कती बिजली और तेज बारिश के साथ हुआ। रविवार को भोर और शाम को मिलाकर करीब 25 मिमी बारिश हुई। वहीं, भादो के दूसरे दिन के साथ एक क्रोनोलॉजी जुड़ गई। पिछले दो साल भादो के दूसरे दिन 12 अगस्त 2025 और 22 अगस्त 2024 को इसी अंदाज में बिजली कड़कने के साथ 30 मिमी से अधिक बारिश हुई थी।
काशी में रविवार की शाम सबसे ज्यादा बारिश हरहुआ में 15.5 मिलीमीटर हुई। इसके पहले दोपहर भर तीखी धूप के चलते उमस ने हलकान कर दिया। पारा 32 डिग्री सेल्सियस के पार जाने लगा, मगर साढ़े तीन बजते ही अचानक बादल घिरने लगे और अंधेरा छा गया। घने मेघों की गड़गड़ाहट के बीच 3 बजकर 56 मिनट पर जोर से कड़की बिजली ने काशीवासियों को सहमा दिया। इसके बाद करीब डेढ़ घंटे तक रुक-रुककर बारिश होती रही।
हवा में नमी 95% होने से उमस बढ़ी
काशी में रविवार को अधिकतम तापमान सामान्य से 0.9 डिग्री कम 32.5 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान सामान्य से 1.1 डिग्री कम 24.9 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। हवा 12 किमी प्रति घंटे की गति से चली। हवा में नमी 95 फीसदी तक दर्ज की गई।
बंगाल के निम्न दबाव से अगले दो दिन भारी बारिश की चेतावनी
यूपी आंचलिक मौसम विज्ञान केंद्र के वरिष्ठ विज्ञानी डॉ. अतुल कुमार सिंह के अनुसार, अगले दो दिन के लिए काशी में भारी बारिश का यलो अलर्ट जारी किया गया है। बंगाल और ओडिशा के तटों पर बने निम्न दबाव के चलते मानसून काशी सहित यूपी के इलाकों में सक्रिय रहने वाला है। सोमवार को इसका प्रभाव देखने को मिल सकता है। मानसून की द्रोणी काशी के नजदीक गोरखपुर और पटना से होकर निकल रही है।
काशी में इस अगस्त सामान्य से 67% ज्यादा बारिश
इस अगस्त काशी में सामान्य से करीब 67 फीसदी ज्यादा बारिश हो गई है। इसका अर्थ यह है कि पिछले 50 साल में अगस्त में जितनी बारिश हुई, इस साल उसके औसत से भी करीब दो-तिहाई ज्यादा पानी बरस चुका है। इस साल बारिश का बड़ा रिकॉर्ड तैयार हो गया है, जबकि अभी अगस्त पूरा होने में एक दिन बाकी है। अगस्त में सामान्य बारिश का आंकड़ा 245.1 मिमी है, जबकि इस बार 400 मिलीमीटर से ज्यादा पानी बरस चुका है। दूसरी ओर, काशी में मानसून के कोटे से भी एक फीसदी ज्यादा बारिश हो गई है। काशी में अब मानसून के दौरान करीब 595 मिमी बारिश होनी थी, लेकिन पूरे दो महीने में यह आंकड़ा 620 मिमी से भी ऊपर जा रहा है।