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हर तरह के कैंसर का बेहतर इलाज

Sun, 28 Feb 2016 01:56 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला वाराणसी
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काशी हिंदू विश्वविद्यालय के शताब्दी वर्ष में एक और उपलब्धि जुड़ गई है। सर सुंदरलाल चिकित्सालय में हर तरह के कैंसर के मरीजों का बेहतर इलाज हो सकेगा। इसके लिए कैंसर विभाग में चार नए अनुभाग खोले गए हैं। इन अनुभागों में रोगियों के अलग-अलग इलाज की व्यवस्था शुरू हो गई है। ओपीडी और ऑपरेशन के दिन भी अलग-अलग तय किए गए हैं।
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चाहे फेफडे़ का कैंसर हो या भोजन की नली का, पेट का हो या मुंह का कैंसर, स्तन कैंसर हो या गर्भाशाय का। बीएचयू में अब हर तरह के कैंसर के मरीज अलग-अलग दिन देखे जाएंगे। इनके विशेषज्ञ चिकित्सक भी अलग-अलग होंगे। दरअसल, कैंसर के मरीजों की बढ़ती भीड़ और उपचार में असुविधा को देखते हुए विभाग ने चार नए अनुभाग खोलने की योजना बनाई थी। करीब एक महीने पहले विवि प्रशासन से मंजूरी मिलने के बाद अब चारों अनुभागों में अलग-अलग इलाज की सुविधा शुरू कर दी गई है। कैंसर विभाग की अध्यक्ष डॉ. मल्लिका तिवारी ने बताया कि थोरैसिक आंकोलॉजी, एचपीबी एंड जीआई, हेड एंड नेक तथा स्तन कैंसर के अलग-अलग अनुभाग खोले गए हैं। सभी अनुभागों में मरीजों को देखने के लिए ओपीडी और ओटी के अलग-अलग दिन तय किए गए हैं। साथ ही अस्पताल में कैंसर विभाग का 21 बेड का वार्ड भी उपलब्ध है।


इनसेट-

ये हैं नए अनुभाग

थोरैसिक आंकोलॉजी- इसमें भोजन की नली और फेफड़े में कैंसर के मरीजों का इलाज हो रहा है। यहां बुधवार को ओपीडी में मरीज देखे जाएंगे और गुरुवार को आपरेशन होगा। इन मरीजों के दूरबीन विधि से भी आपरेशन की यहां व्यवस्था है।
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एचपीबी एंड जीआई- इस अनुभाग में लीवर कैंसर, पैनक्रियाज, गाल ब्लाडर, पित्त एवं पेट के कैंसर मरीज देखे जाते हैं। इन मरीजों के लिए ओपीडी का दिन सोमवार रखा गया है जबकि मंगलवार को आपरेशन होता है।

हेड एंड नेक- इसमें मुंह और थाइराइड कैंसर के मरीज देखे जाते हैं। इस अनुभाग में मंगलवार को ओपीडी और बुधवार को मरीजों का आपरेशन किया जाता है।

स्तन कैंसर- इसमें स्तन कैंसर और गर्भाशय कैंसर से पीड़ित महिलाओं का इलाज होता है। ऐसे मरीज यहां शुक्रवार को ओपीडी में विशेषज्ञ को दिखा सकते हैं तथा शनिवार को आपरेशन का दिन तय किया गया है।

कैंसर मरीजों की अस्पताल में बढ़ती भीड़ के कारण इलाज में असुविधा होती थी। विभाग में चार नए अनुभाग खुलने और अलग-अलग दिन ओपीडी एवं ओटी होने से अब काफी सहूलियत हो रही है। फिलहाल पांच विशेषज्ञ चिकित्सक मरीजों का इलाज कर रहे हैं। - डॉ. मल्लिका तिवारी, कैंसर विभागाध्यक्ष, बीएचयू।
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