बेनीपुर पोखरे के पास दुकानदारों ने किया अतिक्रमण
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कभी पांच बीघे क्षेत्रफल में फैला बेनीपुर पोखरा आज अतिक्रमण और प्रशासनिक अनदेखी के कारण महज पांच बिस्वा में सिमटकर रह गया है। चारों ओर अवैध कब्जों और निर्माण ने इस ऐतिहासिक जलाशय के अस्तित्व पर संकट खड़ा कर दिया है। स्थानीय लोगों का आरोप है कि वर्षों से शिकायतों के बावजूद न तो प्रशासन ने ध्यान दिया और न ही जनप्रतिनिधियों ने इसके संरक्षण की दिशा में कोई ठोस पहल की। पोखरे के चारों ओर अवैध निर्माण, कब्जे और जमीन की बिक्री ने इसकी पहचान को लगभग समाप्त कर दिया है।
स्थानीय निवासी राजेंद्र कुमार ने बताया कि शहर के कई तालाबों का जीर्णोद्धार कराया जा रहा है, लेकिन बेनीपुर पोखरा वर्षों से उपेक्षा का शिकार बना हुआ है। पोखरे के आसपास की सड़क भी बदहाल स्थिति में है। सुमित ने बताया कि पहड़िया-बेला मुख्य मार्ग पर बरसात के दौरान जलभराव और गड्ढों के कारण आए दिन जाम की स्थिति बनती है।
यह मार्ग बेला क्षेत्र के करीब 20 गांवों और कॉलोनियों को शहर से जोड़ने वाला प्रमुख संपर्क मार्ग है। स्थानीय लोगों ने प्रशासन से बेनीपुर पोखरे का सीमांकन कराकर अतिक्रमण हटाने, जलाशय का संरक्षण कराने और आसपास की सड़क और जलनिकासी व्यवस्था में सुधार की मांग की है, ताकि इस ऐतिहासिक जलधरोहर को बचाया जा सके।