बनारस क्लब पर जमीन कब्जा करने का मामला अब गंभीर होता जा रहा है। विधान परिषद के जवाब तलब करने के बाद हरकत में आए जिला प्रशासन और वाराणसी विकास प्राधिकरण (वीडीए) ने बुधवार को बनारस क्लब की जमीन की मापी कराई। मापी के समय मौके पर मौजूद उद्यान विभाग के अधिकारियों का कहना था कि उनकी 60 एयर जमीन बनारस क्लब ने कब्जा की है। बनारस क्लब के पदाधिकारियों ने जमीन रजिस्ट्री कराने का दावा तो किया लेकिन वे कागजात नहीं दिखा सके। क्लब ने नजूल की एक एकड़ जमीन और पूर्व काशी नरेश की जमीन पर भर कब्जा जमाया हुआ है।
सपा नेता एवं एमएलसी शतरूद्र प्रकाश ने बनारस क्लब का मुद्दा विधान परिषद में उठाया था। मामले में वीडीए को गुरुवार को जवाब दाखिल करना है। मुख्य राजस्व अधिकारी मनीलाल यादव के निर्देश पर बुधवार को नायब तहसीलदार, कानूनगो, लेखपाल और प्राधिकरण के अधिकारी बनारस क्लब पहुंचे और जमीन की मापी कराई। इस दौरान उद्यान विभाग के अधिकारी भी मौजूद थे। क्लब से ठीक सटा हुआ उद्यान विभाग है। उनका आरोप था कि क्लब ने उनकी 60 एयर जमीन कब्जा कर रखी है। यादव ने बताया कि क्लब के पदाधिकारियों ने उद्यान विभाग की जमीन रजिस्ट्री कराने का दावा किया लेकिन वह कागजात नहीं दिखा पाए। करीब एक एकड़ नजूल की जमीन और पूर्व काशी नरेश की जमीन भी क्लब की सीमा के अंदर है। जल्द ही रिपोर्ट तैयार कर उच्चाधिकारियों को भेजी जाएगी।
एडीजे नवम विकास सक्सेना की अदालत में जारी बनारस क्लब के बेदखली आदेश से संबंधित मामले की सुनवाई की अगली तिथि 13 दिसंबर तय की गई है। बुधवार को बनारस क्लब की ओर से अदालत में मामले से संबंधित प्रतिउत्तर दाखिल किया गया। सुनवाई के बाद कोर्ट ने मामले की अगली तिथि 13 दिसंबर नियत की है। उधर, बनारस बार एसोसिएशन के महामंत्री नित्यानंद राय ने कहा कि 13 दिसंबर को सुनवाई के दौरान वह भी कोर्ट में मौजूद रहेंगे। इसके साथ ही वकील अपने स्तर से क्लब को सरकारी जमीन से बेदखल करने की मुहिम जारी रखेंगे।