संत रविदास की कर्मस्थली सीर में संत के सपनों का गांव बेगमपुरा अब धीरे-धीरे आकार लेने लगा है। हर प्रदेश के श्रद्धालुओं के लिए मेला क्षेत्र में टेंट बनाए जा रहे हैं और सेवादारों के जत्थों का पहुंचना भी देर शाम से शुरू हो गया था। इसके साथ ही अब मेला क्षेत्र में तैयारियां भी तेज हो जाएंगी। कोविड प्रोटोकॉल के अनुसार, मेला क्षेत्र में टेंट के बाहर कोविड हेल्प डेस्क भी तैयार की जा रही है। सीर गोवर्धन में मेला क्षेत्र में गहमागहमी बढ़ गई है। 16 फरवरी को संत रविदास की जयंती पर होने वाले आयोजन के लिए कहीं टेंट बनाए जा रहे हैं, कहीं लंगर हॉल सजाया जा रहा है। मेला क्षेत्र में साफ-सफाई के साथ ही सड़कों को भी दुरुस्त करने का काम किया जा रहा है। इस बार नवनिर्मित लंगर हाल में श्रद्धालुओं के बैठने का इंतजाम किया जाएगा। पांच करोड़ की लागत से हॉल का निर्माण किया गया है। मंदिर ट्रस्ट की ओर से लंगर हॉल में बांस से बैरिकेडिंग की गई है। देर रात तक हरियाणा और पंजाब से सेवादारों के आने का सिलसिला जारी रहा। जयंती में शामिल होने के लिए संत निरंजन दास अपने काफिले के साथ 14 फरवरी को बनारस पहुंचेंगे। इसके बाद मेले की रौनक भी बढ़ जाएगी। बुधवार से अमृतवाणी का निरंतर पाठ मंदिर क्षेत्र में किया जा रहा है। मंदिर प्रबंधन के ट्रस्टी के एल सरोआ ने बताया कि सेवादारों के पहुंचने के बाद काम और तेजी से होगा।
ट्रेन लेट होने के कारण सेवादार नहीं पहुंचे
वाराणसी। अमृतसर से गुरु रविदास स्थल के लिए निकला सेवादारों का जत्था बृहस्पतिवार शाम तक ट्रेन लेट होने के कारण नहीं पहुंच पाया। 40 सेवादार संगत के साथ अमृतसर से बुधवार को स्पेशल ट्रेन से निकले थे। एल सरोआ ने बताया कि ट्रेन लेट होने के कारण जत्था समय से नहीं पहुंचा। पंडाल में जाने वाले रास्ते की मरम्मत नगर निगम के कर्मचारियों ने नहीं की है। ऐसे में सेवादार सड़क बनाने में जुट गए हैं।