श्रीलंका के आए लगभग 45 पर्यटकों के दल में कई पर्यटक मधुमक्खियों का शिकार हो गए, जिन्हें स्थानीय दुकानदार राजू ने पास के एक क्लीनिक पर ले जाकर प्रथमिक उपचार करवाया। भ्रमण के दौरान रूस से आए एक ग्रूप पर धमेख स्तूप के पास अचानक से मधुमखियों के झुंड ने हमला कर दिया। हमले में स्वेतलाना, झान्या, व्लादिमीर एवं तान्या को मधुमखियों ने काट लिया।
रूसी भाषा के गाइड जैनेंद्र राय ने तुरंत सभी पर्यटकों को खंडहर परिसर से दौड़ा कर बाहर निकाला। स्थानीय दुकानदार राजेश कुमार के सहयोग से तिरपाल से ढक कर गाड़ी तक सुरक्षित पहुंचने में मदद की। लगभग 20 से अधिक पर्यटक व स्थानीय लोग मधुमक्खियों के हमले से जख्मी हो गए।
स्थानीय लोग मधुमक्खियों से लोगों को बचाने के लिए तिरपाल प्लास्टिक से ढक रहे थे तो कुछ लोग पत्तियों को इकट्ठा कर धुंआ कर मधुमक्खियों को भागने के जुगत में लगे थे। अपराह्न एक बजे से शाम चार बजे तक पर्यटक मधुमक्खियों के डर से भागते फिरते रहे।