आजादी के अमृत महोत्सव का नजारा सात समंदर पार की दुनिया भी देखेगी। नमामि गंगे ने देश की सांस्कृतिक और धार्मिक पहचान गंगा के जरिये देश की तस्वीर को दुनिया के सामने रखने की तैयारियां शुरू कर दी हैं। पांच राज्यों से गुजरने वाली गंगा के रास्ते में आने वाले प्रमुख शहरों की कहानियां तस्वीरों की जुबानी दुनिया देखेगी। डेनमार्क में नमामि गंगे की ओर से चित्र प्रदर्शनी के आयोजन की रूपरेखा तैयार की गई है।
टीम ने पांच राज्यों उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड, बिहार, झारखंड और पश्चिम बंगाल में गंगा के किनारे कराए गए कार्यों के साथ ही वर्तमान में गंगा की तस्वीरों और वीडियोग्राफी की तैयारियां शुरू कर दी हैं। शनिवार को बनारस से शुरुआत हो गई है। नमामि गंगे की टीम ने अस्सी से राजघाट के बीच गंगा की एरियल व्यू वाली तस्वीरें लीं। खास बात यह है कि इसमें श्री काशी विश्वनाथ धाम का गंगा द्वार और बाबा का धाम भी शामिल किया गया है। दशाश्वमेध घाट और राजेंद्र प्रसाद घाट के साथ ही बनारस के प्रमुख घाटों की खूबसूरती पर प्रदर्शनी देखने वालों को रिझाएगी।
नमामि गंगे के काशी क्षेत्र के संयोजक राजेश शुक्ला ने बताया कि नमामि गंगे की टीम ने श्री काशी विश्वनाथ धाम क्षेत्र से काम की शुरुआत की है। गंगा किनारे के पांच राज्यों की तस्वीरों को डेनमार्क में प्रदर्शित किया जाएगा। इसमें नमामि गंगे के कार्यों के साथ ही गंगा की खूबसूरती और मनोहारी दृश्यों को भी संजोया जाएगा।