जलाभिषेक के लिए कतार में खड़ी श्रद्धालु
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ज्योतिर्लिंग और चल प्रतिमा का शृंगार और शयन आरती में काशीवासी युवा भक्तों के गले की शिव निनाद ने बाहर से आए भक्तों की भी ऊर्जा बढ़ा दी। मंडलायुक्त एस राजलिंगम और जिलाधिकारी सत्येंद्र कुमार, सीईओ विश्वभूषण और एसडीए शंभू शरण ने सोमवार को सुबह पांच बजे से पहले ही भक्तों पर पुष्प वर्षा की। इसके बाद हर-हर महादेव के उद्घोष के साथ 4-5 घंटे से लाइनों में लगे भक्त मंदिर में प्रवेश कर गए।
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काशी द्वार 4बी से एक घंटा, गौदोलिया से चार से सात घंटे, चौक से तीन से चार घंटे और गंगा द्वार से दो से तीन घंटे में दर्शन मिला। सोमवार को आधी रात दर्शन के लिए कतारबद्ध होने के बावजूद भी दिन में भक्तों को उत्साह कम नहीं हुआ। बाढ़ न होने के चलते गंगा द्वार से भी भक्त दर्शन करते रहे। वहीं, गोदौलिया पर पिछले साल की तरह से चौक की ओर जाने वाले आम लोगों को नहीं रोका गया।
कुल व ईष्ट देवता भगवान भोले शंकर हैं। तांबे के कलश से महिलाएं बाबा को गंगा जल चढ़ा कर अभिषेक करती हैं। हमारे क्षेत्र में काशी का विशेष महत्व है। दर्शन पूजन के बाद घर लौटेंगे। हम लोग हर साल बाबा को जल चढ़ाने आते हैं। -वापी, ओडिशा