वाराणसी। ये वादी में हंसते हुए फूल सारे, यकीनों से आगे हंसी ये नजारे। फरिश्ते उतर आए जैसे जमीं पर, है कश्मीर धरती पे जन्नत का मंजर... कश्मीर की खूबसूरती और फूलों की घाटी काशी में सजेगी। भादो में काशी के बटुक भैरव मंदिर में कश्मीर की दिलकश फूलों की घाटियां महकेंगी। मंदिर का गर्भगृह कश्मीरी सेब से सजाया जाएगा। पूर्वांचल में पहली बार किसी मंदिर के शृंगार के लिए कश्मीर के ट्यूलिप गार्डन के फूलों को मंगाया जा रहा है।
जम्मू कश्मीर से अनुच्छेद 370 हटने के बाद वहां की हरियाली और खूबसूरती से रूबरू कराने के लिए बाबा बटुक भैरव के हरियाली शृंगार के अवसर को चुना गया है। 25 अगस्त को बाबा बटुक भैरव गुफा के गिरने वाले झरने के बीच कमल के पुष्पों पर भक्तों को दर्शन देंगे। वहीं दूसरी तरफ कश्मीरी फूलाें की महकती घाटी हर किसी के मन को बरबस ही मोह लेगी। जलविहार और हरियाली शृंगार के लिए कश्मीर, उत्तराखंड और पश्चिम बंगाल से फूल मंगवाए जा रहे हैं। 15 कुंतल फूलों का आर्डर दिया जा चुका है। महात्मा बुद्ध गुफा के द्वार पर भक्तों का स्वागत करेंगे। पश्चिम बंगाल के कारीगर फूलों की घाटी को सजाने के लिए काशी पहुंच रहे हैं।
बटुक भैरव मंदिर के महंत राकेश पुरी ने बताया कि हरियाली व जल विहार शृंगार में इस बार बाबा का भगवान विष्णु का स्वरूप देखने को मिलेेगा। कमल के फूलों और कश्मीर के सेब से मंदिर के गर्भगृह का खास शृंगार किया जाएगा। शास्त्रीय व उपशास्त्रीय संगीत के कई नामचीन कलाकार भी यहां हाजिरी लगाएंगे।