वाराणसी के मंगलपुर की रहने वाली आलम आरा दिव्यांगों और बुजुर्गों का काफी सहयोग करती हैं। उनके घर पर जाकर उन्हें बैंक सेवा देती हैं। इसलिए लोग उन्हें बैंक वाली दीदी भी कहते हैं।
Jeevan Jyoti Bima Yojana : वन जीपी वन बीसी सखी कार्यक्रम के अंर्तगत मंगलपुर की रहने वाली आलम आरा ने श्रेष्ठ प्रदर्शन करते हुए कुल 600 खाते खोले। जिसमें 400 खातों में प्रधानमंत्री जीवन ज्योति बीमा योजना से जोड़ा है। वहीं, कोटा में भी काशी विद्यापीठ में आलमआरा ने केवाइसी अपडेशन में प्रथम स्थान पर हैं।
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आलमआरा ने 21.55 करोड़ का लेनदेन कर 6.11 लाख का कमीशन पाया। आलमआरा दिव्यांग और बुजुर्ग लोगों की स्थिति देखते हुए उनको घर पर भी बैंक की सेवा देती हैं।
आलमआरा कहती हैं कि जब उन्होंने काम शुरू किया था तब उनको देखकर गांव वाले भी कहते है कि यह क्या ही कर पाएगी। लेकिन आज यह समय है कि आसपास के यहां के सभी लोग उन्हें बैंक वाली मैडम बोलते हैं। उनके काम के वजह से अब बैंक की लाइन से भी निजात मिल गई है।
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आर्थिक स्थिति में आया बदलाव
आलमआरा ने बताया कि उन्होंने समूह की मदद से ऋण लेकर साड़ी के बुनाई का काम शुरू किया है। इसके साथ ही वो समूह में शामिल होने से वो अन्य महिलाओं के लिए प्रेरणाश्रोत बन गई हैं। वहीं इस समय उनके परिवार की औसत आय 25000 रुपए हो गई है। आज वो आत्मनिर्भर होने के साथ आर्थिक रूप से मजबूत भी हो गई हैं।